यह घटना गुरुवार को हुई थी। असल में यह एक ट्रेन के पैंटोग्राफ फ्लैशिंग का मामला था। यह फ्लैशिंग तब हुई जब एक पतंग का धागा ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) और पैंटोग्राफ के बीच फंस गया। धागा फंसने से तेज चमक और असामान्य आवाज आई, जिससे लोगों में भ्रम फैल गया। हालांकि, इससे यात्रियों को कोई सुरक्षा खतरा या जोखिम नहीं हुआ। डीएमआरसी ने इस संबंध में तत्काल एक बयान जारी किया। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। मेट्रो संचालन सामान्य रूप से जारी रहा और कोई देरी नहीं हुई। इस घटना से किसी भी प्रकार की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।
पतंग उड़ाने से बचें
डीएमआरसी ने आम जनता को विशेष सलाह दी है। हाई वोल्टेज मेट्रो लाइनों के पास पतंग उड़ाने से बचना चाहिए। पतंग उड़ाने से न केवल मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं। बल्कि यह पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। बिजली के तारों के पास पतंग उड़ाना अत्यंत खतरनाक है और इससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
सुरक्षा और जागरूकता
मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा डीएमआरसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। डीएमआरसी ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। सुरक्षित और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन आवश्यक है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।