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विशेषज्ञों का कहना, कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी आशा की नई किरण

Tue, 30 Jun 2020 01:41 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्लाज्मा थेरेपी - फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी एक उम्मीद की किरण बनकर आई है। आईसीएमआर से मंजूरी मिलने के बाद कई अस्पतालों में इसका ट्रायल किया गया है, जिसमें कई गंभीर मरीज ठीक भी हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर सिद्ध हो रही है। मरीजों की सहायता के लिए लोग प्लाज्मा दान भी कर रहे हैं।

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पद्मश्री और अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि कोरोना वायरस एक प्रकार का एंटीजेन है और शरीर इससे लड़ने के लिए एंटी बॉडी बनाता है। वायरस का मुकाबला करने के लिए शरीर में दो प्रकार की एंटी बॉडी बनती है। इनमें एक पहले हफ्ते से बनना शुरू हो जाती है और दूसरी कुछ हफ्ते बाद बनती है, जो ठीक हुए रोगी के शरीर में कई महीने तक रहती है। अगर ये अच्छी मात्रा में बन जाए तो इस वायरस को हरा देती हैं। इन एंटी बॉडी को कोरोना से ठीक हुए इंसान के शरीर से निकाल के दूसरे रोगी में डाला जाए तो वह ठीक हो जाता है। प्लाज्मा थेरेपी भी यही है। इसमें कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति के शरीर से खून के एक भाग, जिसे प्लाज्मा कहते हैं। संक्रमित व्यक्ति को दी जाती है। यह कारगर साबित हो रही है, लेकिन जरूरी नहीं है कि यह सब रोगियों में सफल हो। अभी तक के परिणामों से लगता है कि यह एक अच्छी विधि है और इससे डॉक्टरों को इलाज में काफी सहायता मिल रही है। 

प्लाज्मा दान करने वाले को न हो कोई और संक्रमण
विशेषज्ञों के मुताबिक, जो व्यक्ति प्लाज्मा दान कर रहा है उसमें किसी और प्रकार का संक्रमण नहीं होना चाहिए। जब ठीक हुआ व्यक्ति अपना 200 से 300 मिली लीटर प्लाज्मा, यानी खून का तरल हिस्सा (बहुत ही छोटी मात्रा) दान देने के लिए राजी हो। प्लाज्मा लेते समय खून के अन्य भाग जैसे आरबीसी, डब्ल्यूबीसी के निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती। खून से लिया हुआ प्लाज्मा एक दिन में दोबारा से बन जाता है। इसलिए यह काफी जरूरी है कि जो लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। वे अपना प्लाज्मा दान करें, जिससे अन्य रोगियों के इलाज में भी सहायता मिल सके। 
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एम्स के स्वास्थ्यकर्मी कर रहे हैं दान
पिछले 10 दिन में एम्स के करीब सात नर्सिंग अधिकारी प्लाज्मा दान कर चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के जवान भी इसमें अपना सहयोग दे रहे हैं।

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