ठंड के दिनों में प्रदूषण से निपटने की तैयारी में दिल्ली सरकार अभी से ही जुट गई है। इसे लेकर सरकार जल्द ही एक एक्शन प्लान जारी करेगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ बैठक कर ठंड में प्रदूषण से कैसे निपटा जाए, इस पर चर्चा की।
पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ आयोजित बैठक में वाहन को सड़क पर उतारने के लिए सम-विषम योजना को प्रभावी बताया गया। यह भी कहा गया कि इसे कुछ दिनों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। विशेषज्ञों की टीम ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर मास्क बांटने का भी सुझाव मुख्यमंत्री को दिया। लंबे समय से पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों ने बैठक में शिरकत की।
वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट के सीईओ ओपी अग्रवाल ने वाहन चलाने के लिए सम-विषम योजना को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि ठंड के दिनों सार्वजनिक वाहनों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा लोग करें, इसे लेकर योजना बनानी होगी। कम से कम निजी वाहन सड़कों पर आएं, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए।
सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करे। इनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी आफ शिकागो के कार्यकारी निदेशक डॉ. केन ली ने बैठक में 2016 में लागू सम-विषम योजना पर किए गए शोध के हवाले से अपने तर्क रखे।
उन्होंने आंकड़ा पेश करते हुए बताया कि सम-विषम योजना से 14-16 प्रतिशत तक प्रदूषण के स्तर घटे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि इस योजना को भले ही लंबे समय तक लागू नहीं किया जाए, लेकिन जब प्रदूषण का स्तर बढ़े तो इसे लागू करने में ज्यादा समस्या नहीं है।
बैठक में मास्क पर भी चर्चा हुई है। इपिक इंडिया की तरफ से दिए गए प्रजेंटेशन में बताया गया कि प्रदूषण के दौरान मास्क कम समय के लिए बेहतर उपाय साबित होता है। 2018 में झुग्गियों में रहने वाले 3500 लोगों को मास्क बांटा गया था, जिसका बेहतर प्रभाव देखने को मिला था। डॉ. केन ली ने कहा कि मास्क प्रदूषण स्तर से काफी हद तक लोगों को बचाता है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों में ठंड के दिनों में पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए यह बैठक बुलाई थी। इसके लिए सुझाव मांगा गया था। सुझाव के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से एक ई-मेल आईडी भी जारी किया गया है।