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महंगे मकानों से पहले बनाने पड़ेंगे सस्ते घर

Fri, 19 Feb 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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प्रोजेक्ट में निर्धारित संख्या में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट न बनाने वाले बिल्डरों पर आखिरकार जीडीए ने शिकंजा कस ही दिया। बृहस्पतिवार को जीडीए वीसी विजय यादव ने ऐसे 22 बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स का काम रोकने के आदेश जारी कर दिए।
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शुक्रवार से जीडीए अधिकारी प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर देंगे।सस्ते फ्लैट न बनाने वाले बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स को कंप्लीशन, पार्शियल कंप्लीशन सर्टिफिकेट और परचेजेबल एफएआर देने पर भी रोक लगा दी गई।

वीसी ने सभी बिल्डरों को सस्ते फ्लैट के आवंटियों को हर हाल में तीन दिनों में आवंटन लेटर जारी करने के निर्देश दिए हैं।

जीडीए ने वर्ष 2013 में बिल्डर प्रोजेक्ट्स में 5000 ईडब्ल्यूएस-एलआईजी फ्लैटों की स्कीम निकाली थी। स्कीम के 3500 फ्लैटों का ड्रा भी हो चुका है।

करीब दो साल बीतने के बावजूद स्कीम के आवंटी आज तक आवंटन लेटर के लिए भटक रहे हैं। हालात यह हैं कि बिल्डरों ने अब तक स्कीम के फ्लैट तक नहीं बनाए हैं।

बिल्डरों ने जीडीए को तो चार हजार मकानों की सूची सौंप दी है, लेकिन मौके पर करीब 1200 फ्लैट्स का ही निर्माण हुआ है। करीब 800 मकानों का निर्माण अभी शुरू ही हुआ है। ऐसे में करीब 2400 फ्लैट्स अभी बनने बाकी हैं।
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प्रदेश सरकार ने सितंबर 2011 में एक शासनादेश के जरिए सरकारी और निजी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के कुल भवनों की संख्या का 10 फीसदी ईडब्लूएस और 10 फीसदी एलआईजी भवनों का निर्माण अनिवार्य किया है। बिल्डर अपने प्रोजेक्ट के फ्लैट तो बना रहे हैं, लेकिन सस्ते फ्लैटों का निर्माण ठप है।

जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि शहर के 22 बिल्डर प्रोजेक्ट में सस्ते फ्लैटों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में इनका काम रोकने के आदेश वीसी ने दिए हैं।

शुक्रवार को फ्लैटों के रजिस्ट्रेशन से मिली धनराशि बिल्डरों को दे दी जाएगी। प्रवर्तन विभाग के अधिकारियों को हर सप्ताह सस्ते फ्लैटों के निर्माण की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण दिवस में आईं सिर्फ दो शिकायतें
जीडीए में बृहस्पतिवार को प्राधिकरण दिवस हुआ। प्राधिकरण दिवस में सिर्फ दो शिकायतें आईं। दोनों मामलों के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया।

प्राधिकरण दिवस में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, सीएटीपी इश्तियाक अहमद, ओएसडी समेत सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

पांच हजार से ज्यादा बकाए पर कटेंगे बिजली कनेक्शन
पावर कारपोरेशन ने पांच हजार और इससे ज्यादा केबकाएदारों के घरेलू कनेक्शन काटने का निर्णय लिया है। निर्धारित तिथि तक बिल जमा न कराने वालों के काटे गए कनेक्शन को दोबारा जोड़ने पर भी तीन सौ रुपये जुर्माना जमा कराना होगा।

इसके लिए 20 फरवरी से पीवीवीएनएल के सभी जनपदों में अभियान चलाया जाएगा। पावर कारपोरेशन का करीब 77 करोड़ रुपया मेरठ मंडल में ही बकाया है। चीफ इंजीनियर अरविंद राजवेदी ने बताया कि पांच हजार और इससे ज्यादा के बकाएदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
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