बीपीओ कर्मी जिगिसा घोष की हत्या मामले में मुख्य आरोपी रवि कपूर के पास पुलिस की वर्दी कहां से आई और उसे बीकन किसने दिया था या फिर उसके पास पुलिस के विशेष आयुक्त की थ्री स्टार प्लेट कैसे आई। इन बातों को पुलिस ने जानने की कोशिश नहीं की थी। शायद इसलिए पुलिस की चार्जशीट में इस संबंध में जांच का जिक्र भी नहीं है।
अदालत में मामले की सुनवाई में पुलिस की जांच की इन खामियों का खुलासा हुआ है। अगर पुलिस ने इसकी जांच की होती तो शायद कई बातें या परतें खुल जातीं। मामले में मुख्य आरोपी रवि कपूर खुद पुलिस का मुखबिर रह चुका था।
वसंत कुंज निवासी जिगिसा घोष 18 मार्च 2009 को गायब हो गई थीं। उसका शव दो दिन बाद फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में मिला था। अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी।
टीवी पत्रकार की हत्या का भी हुआ था खुलासा
इस मामले में रवि कपूर व उसके साथी गिरफ्तार किए गए थे। पूछताछ के दौरान टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या का भी खुलासा हुआ था।
पुलिस को आरोपियों का सुराग जिगिसा के मोबाइल से मिला था। उसका मोबाइल कपिल शर्मा नाम का युवक इस्तेमाल कर रहा था लेकिन पुलिस ने इस युवक को आरोपी या गवाह बनाना मुनासिब नहीं समझा।
मामले में मुख्य आरोपी रवि कपूर की सेंट्रो कार से बीकन से मिला था। पुलिस की जांच इस बारे में खामोश है कि उसे यह बीकन कहां से और किससे मिला।
थ्री स्टार नंबर प्लेट कहां से आई पुलिस को नहीं पता
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा से जिरह करते हुए पुलिस ने इस तर्क को खारिज कर दिया यह स्टीकर या बीकन पुलिस ने खुद उसे फंसाने के लिए कार में रखे थे।
बचाव पक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कार पर लगे स्टीकर पर हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट की स्पेलिंग गलत थी और उस पर जिस कार रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था वह नंबर कभी अथॉरिटी ने जारी नहीं किया था। इसके अलावा भी एक अन्य अदालती स्टीकर भी मिला था। पुलिस ने इसके स्रोत के बारे में भी कोई जांच नहीं की।
पेश मामले में सबसे ज्यादा गंभीर बात थ्री स्टार प्लेट मिलना रहा है। यह प्लेट विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी की कार पर लगाई जाती है। यह नंबर प्लेट किस अधिकारी की थी या रवि कपूर को कहां से मिली थी, इस पर भी पुलिस की चार्जशीट खामोश है।
इस बात का भी नहीं है कोई जिक्र
मामले में आरोपी की कार से दिल्ली पुलिस की वर्दी मिली थी और उसके बायें बाजू पर दिल्ली पुलिस का लोगो था और कंधे पर दि.पु. (दिल्ली पुलिस का शॉर्ट फार्म) का बैज था। यह वर्दी किसकी थी और रवि कपूर के पास कैसे थी, चार्जशीट में इसका कोई जिक्र नहीं है।
पुलिस की जांच रवि कपूर से मिले वोटर कार्ड, न्यूज चैनल के आई कार्ड, कार से मिले हथियारों के बारे में भी खामोश है। पुलिस ने कपिल शर्मा से मृतका का मोबाइल बरामद किया था लेकिन यह शख्स आरोपियों की सूची में शामिल नहीं है।
पुलिस ने इस बात का का भी खुलासा नहीं किया कि मृतका के मोबाइल पर सबसे ज्यादा किसने और कितनी बार बात की।