आम चुनावों में जीत-हार के सियासी दांव पेंच और अटकलों के साथ ही जनता के बीच जा रहे नेताओं को अपनी सुरक्षा की चिंता भी सताने लगी है। इसलिए वह अपनी गाड़ियों पर सुरक्षा कवच चढ़वा रहे हैं।
अब मांग सिर्फ बुलेट प्रूफ गाड़ियों की नहीं है बल्कि उससे आगे बढ़ चुकी है। क्योंकि नेताओं की गाड़ी को बम एवं माइंस ब्लास्ट कर उड़ाने का खतरा बढ़ा है इसलिए अब ब्लास्ट प्रूफ गाड़ियां भी तैयार हो रही हैं।
फरीदाबाद में कारों को बुलेट प्रूफ और ब्लास्ट प्रूफ बनाने का कारोबार धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है।
ये कारें हैं नेताओं की पहली पसंद
काफी गोनपीय रखे जाने वाले इस काम की जानकारी जुटाना आमतौर पर कठिन होता है लेकिन ‘अमर उजाला’ ने एक कंपनी ‘इंडियन आर्मर’ से इस बारे में जानकारी हासिल की।
हालांकि सुरक्षा कारणों से कंपनी ने यह नहीं बताया कि किन लोगों के लिए ऐसी गाड़ियां तैयार होकर जा रही हैं। लेकिन देश-विदेश में यह काम करने वाली इस कंपनी के सीईओ अनिल कांत ने बताया कि समय के साथ गाड़ी को लेकर नेताओं की भी पसंद बदली है।
इसलिए इस चुनाव में बड़ी लग्जरी गाड़ियों को बुलेटप्रूफ कराया जा रहा है। अब एंबेस्डर पर सुरक्षा कवच चढ़वाने कोई नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि अब लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर, बीएमडब्ल्यू एवं मर्सडीज गाड़ियों को बुलेट, बम एवं ब्लास्ट प्रूफ बनवाया जा रहा है।
1200 किलो बढ़ जाता है कार का वजन
अनिल ने बताया कि अब तक 40 गाड़ियों पर सुरक्षा कवच चढ़ाने का काम मिला है। यह काम खुद भारत सरकार, पंजाब पुलिस एवं मेघालय पुलिस करवा रही है।
इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार से भी बातचीत जारी है। अनिल के मुताबिक सरकार के आदेश के बिना कोई गाड़ी बुलेट या ब्लास्टप्रूफ नहीं की जा सकती।
बुलेटप्रूफ स्टील से गाड़ियों पर सुरक्षा कवच तैयार करने से वजन 1200 किलो तक बढ़ जाता है। इससे गाड़ी की उम्र घट जाती है। जबकि नई तकनीक से लाइटवेट सुरक्षा कवच चढ़वाने से 480 से 500 किलो तक ही वजन बढ़ता है।
20 लाख से एक करोड़ तक का खर्च
अनिल कांत ने बताया कि यह काम 20 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक में किया जा रहा है। कोई भी कार 20 लाख रुपये में बुलेटप्रूफ होगी, जबकि बम और ब्लास्टप्रूफ करने में और अधिक खर्च आएगा।
अब गाड़ियों में रनफ्लैट टायर लगाए जा रहे हैं, जिसमें गोली लग जाए तो भी गाड़ी 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से करीब 60 किलोमीटर तक चल जाएगी।
इसके साथ ही गाड़ी के निचले हिस्से में कैबलार बैलिस्टिक फाइबर लग रहा है जो गाड़ी के निचले हिस्से में विस्फोट से सुरक्षा करता है।