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EXCLUSIVE: 'कोई भी चीज नहीं आती प्रतिभा के आड़े'

Sat, 15 Feb 2014 08:47 AM IST
दीपक पांडे/अमर उजाला, फरीदाबाद
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छोटे-छोटे शहरों के आम परिवारों से भी खास प्रतिभाएं निकल सकती हैं। मोहित शर्मा और राहुल तेवतिया इसी के उदाहरण हैं। फरीदबाद सेक्टर-8 के रहने वाले राहुल ने अपने करियर की शुरुआत बल्लभगढ़ के वोहरा क्रिकेट अकादमी से की। उसके बाद वह सेक्टर-9 के डिवाइन क्रिकेट अकादमी चले गए। वहां उन्होंने कोच राजीव यादव से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं।
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राहुल तेवतिया के पिता कृष्णपाल तेवतिया पेशे से वकील हैं। वह सेक्टर-12 स्थित कोर्ट में 182 चैंबर में बैठते हैं। जब से राहुल का चयन आईपीएल-7 के राजस्थान रायल्स में हुआ है, उनके पास बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। तेवतिया सेक्टर-8 सीही गांव में रहते हैं। शुक्रवार को राहुल ने हमारे साथ अपने क्रिकेट कॅरियर शुरू होने से आईपीएल तक का सफर साझा किया।

पढ़ें: 'राहुल' को मिला द्रविड़ के साथ खेलने का मौका

सवाल- अब छोटे शहरों से अच्छी क्रिकेट प्रतिभाएं निकल रही हैं। आप इसे किस रूप में देखते हैं?
जवाब- अगर किसी व्यक्ति के अंदर कोई प्रतिभा है और वह मेहनत करके उसे निखारने में कामयाब होता है तो उसके लिए रास्ते खुलते चले जाते हैं। शहर और क्षेत्र मायने नहीं रखते। ध्यान अपने टारगेट पर होना चाहिए।
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सवाल- भविष्य में फरीदाबाद से प्रतिभाओं को निखारने के लिए आप क्या करेंगे?
जवाब- फिलहाल मेरा ध्यान आइपीएल व रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम में जगह बनाना है। हां, अगर कोई भी जूनियर खिलाड़ी उन्हे क्रिकेट संबंधी कोई टिप्स मांगने आता है तो वह उसे जरूर सहयोग करेंगे।

सवाल- यहां तक पहुंचने में किसका योगदान मानते हैं?
जवाब- परिवार और अपने कोच का। मैंने अपना क्रिकेट कॅरियर कोच राजीव यादव के मार्गदर्शन में शुरू किया था। इसके बाद मुझे विजय यादव सर की कोचिंग में काफी कुछ सीखने का मौका मिला। जिसके योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकता।
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सवाल- धोनी फुटबाल में भी रुचि रखते हैं आपकी भी क्या किसी दूसरे खेल में दिलचस्पी है?
जवाब- फिलहाल क्रिकेट के सिवाय किसी दूसरे को खेलने की फुरसत नहीं है। दूसरा पसंदीदा खेल फुटबॉल है।
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