दिल्ली सरकार में कॉरपोरेट कल्चर आने वाला है। जिन विभागों में ई-ऑफिस पूरी तरह से लागू हो गया है, उस विभाग में अधिकारी या ई-ऑफिस में काम करने वाले कर्मी को एक घंटा देरी से दफ्तर आने या काम होने पर एक घंटा पहले जाने की छूट होगी।
छूट देने का अधिकार विभाग के प्रमुख के पास होगा। इस प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही सभी विभागों के लिए सरकार सर्कुलर जारी करेगी। देश के किसी भी सरकार में इस तरह की व्यवस्था अभी नहीं है।
दिल्ली कैबिनेट ई-ऑफिस में काम करने की दिशा में तेजी से बढ़ी है। कैबिनेट ने 25 अगस्त 2015 को 15 विभागों में 1 दिसंबर से ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का फैसला किया था।
अभी सुविधा बहुत कम विभागों में हो पाई है
विभाग तेजी से बढ़े, ट्रेनिंग हुई, ई-सिग्नेचर लिए गए, लेकिन अभी भी पूरी तरह से ई-ऑफिस की सुविधा बहुत कम विभागों में हो पाई है।
ई-ऑफिस के लिए दिल्ली सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। सूत्र बताते हैं कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने दफ्तर आने में अधिकारी-कर्मचारी को छूट देने का प्रस्ताव किया था।
प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है कि जिस ऑफिस में कागजी फाइल पूरी तरह से बंद हो जाएंगे, एक घंटा देर से दफ्तर आने या एक घंटा जल्दी जाने की छूट विभाग प्रमुख उसी ऑफिस के अधिकारी और कर्मी को दे सकेंगे।
कॉरपोरेट कल्चर से काम की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है
प्रस्ताव में तर्क है कि ई-ऑफिस में जल्दी काम होने के बाद जो समय बचेगा, उसका फायदा अधिकारी-कर्मचारी को देकर कॉरपोरेट कल्चर से काम की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
इस तरह की छूट देश की किसी भी सरकार में नहीं है। ऐसी व्यवस्था फेसबुक, गूगल या मल्टीनेशनल कंपनी में ही है। दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, आबकारी विभाग, दिल्ली जियो स्पेटियल लिमिटेड समेत चार-पांच विभाग में पूरी तरह ई-ऑफिस में काम हो रहा है। वहीं 22 विभागों में कुछ-कुछ काम ई-ऑफिस में शुरू हो चुका है। कई स्तर पर ट्रेनिंग चल रही है।
क्या होंगे फायदे
- सरकार को पीक ऑवर में ट्रैफिक कम करने में सहयोग मिलेगा।
- सीधे पब्लिक डीलिंग पद पर नहीं हैं, तो घर से काम करने की दशा में कार्यालय की जगह बचेगी और बिजली जैसे खर्च घटेंगे।
- ई-ऑफिस में काम होने से कागज पर होने वाला खर्च बचेगा, जिसकी वजह से पेड़ बचेंगे।
- कामकाज की ट्रैकिंग आसान होगी, वरिष्ठ अधिकारी किसी भी समय फाइल खोलकर स्टेटस देख सकेंगे।
- कॉरपोरेट योजना से दूसरे विभाग ई-ऑफिस से जल्द जुड़ेंगे।