खतरनाक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का नेटवर्क भारत में मजबूत होता दिख रहा है। मुंबई, उत्तराखंड, गोरखपुर, देवबंद और यूपी से करीब एक दर्जन युवक आईएस में भर्ती होने व उसके लड़ाके बनने के लिए सीरिया जाने वाले थे।
सभी जगहों के युवक आपस में जुड़ चुके थे। इन सभी की देवबंद में एक मीटिंग भी हो चुकी है। सीरिया के लिए पासपोर्ट बनवाने व मोबाइल खरीदने के लिए इनको दो किस्तों में रकम भेज दी गई थी।
यह बड़ा खुलासा पूछताछ में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए रुड़की, उत्तराखंड से गिरफ्तार आईएस के चार आतंकवादियों ने किया है। आईएस के फैलते नेटवर्क को देखते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा सतर्क हो गई हैं।
आईएस से प्रभावित इन आतंकियों की एक बैठक भी हो चुकी है
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड से गिरफ्तार चारों आतंकवादी मो. मेराज, अखलाकुर्र रहमान, ओसामा, मो. अजीमुद्दीन शाह, मुंबई के चार से पांच युवक, गोरखपुर का एक युवक और यूपी के दो क्षेत्रों से एक से दो युवक सीरिया जाने की तैयारी कर रहे थे।
इन्हें आईएस के लड़ाके बनने के लिए सीरिया बुलाया गया था। युवक आपस में संपर्क में थे। सभी को एक साथ सीरिया जाना था। यूपी के देवबंद में आईएस से प्रभावित इन आतंकियों की एक बैठक भी हो चुकी है।
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि सीरिया जाने के लिए इन्हें पैसा भारत भेज दिया गया था।
पासपोर्ट व मोबाइल खरीदने के लिए भेज दिए गए थे पैसे
20 हजार व 30 हजार रुपये की दो किस्त पासपोर्ट व मोबाइल खरीदने के लिए भेज दिए गए थे। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
पैसे उत्तराखंड में ही भेजे गए थे। पहली किस्त मेराज ने और दूसरी अखलाकुर्र रहमान ने प्राप्त की थी। रुपये इन्हें कैश में दिए गए थे। स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड से पकड़े गए इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड मो. मेराज उर्फ डॉक्टर है।
मेराज ने अखलाकुर्र रहमान को आईएस से जोड़ा था। करीब सात-महीने पहले ही ये लोग सोशल मीडिया के जरिए आईएस से जुड़े थे। बाद में अखलाकुर्र रहमान मास्टरमाइंड की तरह व्यवहार करने लगा था।