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आबकारी नीति घोटाला: अदालत ने कहा, केजरीवाल-सिसोदिया के खिलाफ कोई क्रिमिनल इंटेट नहीं, आरोप अनुमान आधारित

Sat, 28 Feb 2026 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव बाजपेई, नई दिल्ली

सार

अदालत ने पाया कि रिश्वत की मांग या स्वीकृति का सबूत नहीं है, कोई वित्तीय लेन-देन का ट्रेल नहीं मिला। इस नीति के फैसले सामूहिक लिए गए थे, जिसमें कोई व्यक्तिगत अपराधी इरादा नहीं दिखता।
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दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि सीबीआई ने सिसोदिया और केजरीवाल के खिलाफ कोई प्राइमा फेसी केस नहीं बनाया। अदालत ने पाया कि रिश्वत की मांग या स्वीकृति का सबूत नहीं है, कोई वित्तीय लेन-देन का ट्रेल नहीं मिला। इस नीति के फैसले सामूहिक लिए गए थे, जिसमें कोई व्यक्तिगत अपराधी इरादा नहीं दिखता। केजरीवाल हो या सिसोदिया दोनों में कोई क्रिमिनल इंटेंट नहीं मिला। 

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अदालत ने आरोपों को अनुमान-आधारित और कॉन्जेक्चर बताया, न कि ठोस सबूतों पर आधारित। जज ने कहा कि नीति के फैसले कई अधिकारियों और हितधारकों से जुड़े थे और सिसोदिया ने एकतरफा कोई फैसला नहीं लिया। कोई रिकवरी नहीं हुई, कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष फाइनेंशियल लिंक नहीं मिला।

  • सीबीआई ने दोनों नेताओं को बताया था मास्टरमाइंड, अदालत ने कहा बिना सबूतों के जन प्रतिनिधियों और लोक सेवकों को बना दिया आरोपी 
  • अदालत ने सीबीआई के एक मूल आरोप पत्र और चार पूरक आरोप पत्रों को पूरी तरह नकारते हुए आरोप तय करने से इन्कार कर दिया

कोर्ट ने कहा- सीबीआई की जांच अंतर्विरोध से भरी
सिसोदिया ने मामले में करीब 530 दिन जेल में बिताए। अदालत ने सीबीआई की थ्योरी को आंतरिक विरोधाभासों से भरी बताया, जो जांच की जड़ पर सवाल उठाती है। अदालत ने कहा कि लंबी हिरासत के बावजूद जांच एजेंसी आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रही। नीति को मोनोपॉली और कार्टेल रोकने के लिए बनाया गया था, जिसमें मैन्युफैक्चरर, थोक (एल-1) और रिटेल जोन अलग किए गए थे। 

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ये 23 लोग हुए आरोपमुक्त
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कविता कल्वाकुंटला उर्फ के. कविता, दुर्गेश पाठक, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चिबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायत, कविता कल्वाकुंटला उर्फ के. कविता, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और सरथ चंद्र रेड्डी। जज ने विशेष रूप से कुलदीप सिंह को आरोपी नंबर 1 बनाने पर आश्चर्य जताया और सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की।

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