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Exam Reading Tips: बादाम से ज्यादा फायदेमंद है सुबह की पढ़ाई, सुबह शरीर को तरोताजा करता है टेस्टोस्टोम हार्मोन

Fri, 10 Feb 2023 01:49 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जो बच्चे समय चक्र को आधार बनाकर पढ़ाई करते हैं, उनको फायदा मिलता है। सुबह के समय पढ़ाई से याद रखने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर भी जल्दी नहीं थकता। 
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परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऐसा देखा गया है कि परीक्षा नजदीक आते ही अक्सर बच्चे देर रात तक पढ़ते हैं, लेकिन अच्छे अंक पाने के लिए यह आदत ठीक नहीं है। इसकी जगह सुबह की पढ़ाई बेहतर हो सकती है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सुबह दिमाग में याददाश्त बेहतर करने वाले हार्मोन निकलते हैं। वहीं, रात के हार्मोन शरीर में सुस्ती लाते हैं। 

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परीक्षाएं नजदीक आने के साथ इस वक्त परीक्षा जनित तनाव और सबकुछ भूल जाने की परेशानी लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पहुंच रहे हैं। औसतन हर दिन इनकी संख्या चार से पांच की है,जबकि आम दिनों में यह आंकड़ा बमुश्किल एक पहुंच पाता है। चिकित्सकों के सुझाव पर जिन बच्चों ने अपना रूटीन बदला, रात की जगह सुबह पढ़ाई की उनको इसका फायदा भी मिला है।

मनोवैज्ञानिकों बताते हैं कि शरीर जैविक समय चक्र के आधार पर काम करता है। हमारे शरीर में सूर्य ढलते ही मेलाटोनिन हार्मोन बनने शुरू हो जाते हैं। शरीर में पीनियल ग्लैंड से रिलीज होने वाले इन हार्मोन से नींद आने के साथ शरीर सुस्त होने लगता है। ऐसे में यदि देर रात तक जाग कर पढ़ाई करते हैं तो मेलाटोनिन हार्मोन बनने की क्रिया प्रभावित होती है। जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। वहीं, प्रातः काल के दौरान शरीर में टेस्टोस्टोम हार्मोन बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जो शरीर को तरोताजा करने के साथ नई स्फूर्ति देता है। टेस्टोस्टेरॉन एंड्रोजन समूह का एक स्टीरॉएड हार्मोन है। स्तनपाइयों में टेस्टॉस्टेरॉन प्राथमिक रूप से नरों में अंडकोष से व मादाओं में अंडाशय से स्रावित होता है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेश शेखावत ने बताया कि जिन बच्चों ने समय चक्र को आधार बनाकर पढ़ाई की है, उनको फायदा मिला है। सुबह के समय पढ़ाई से याद रखने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर भी जल्दी नहीं थकता। परीक्षा के समय बच्चे याददाश्त बढ़ाने के लिए बादाम, दवाइयां सहित अन्य खाद्य पदार्थ लेते हैं। यह सभी याददाश्त तो बढ़ाते हैं, लेकिन समय चक्र के आधार पर पढ़ाई करना इन सभी उपायों से ज्यादा कारगर है।

हर साल आते हैं 75 हजार मरीज
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोरोग विभाग में हर साल करीब 75 हजार मरीज आते हैं। इनमें से करीब एक हजार मरीज परीक्षा के तनाव से जुड़े होते हैं। डॉ. शेखावत ने बताया कि अस्पताल आने वाले बच्चों से चर्चा के बाद पता चलता है कि वह परीक्षा में ज्यादा अंक लाने के लिए देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं। रात का पढ़ा हुआ उन्हें ज्यादा याद नहीं रहता। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को रात को सोने और सुबह चार से पांच बजे उठकर पढ़ने की सलाह दी जाती है। ऐसे बच्चों में काफी सुधार देखा गया है।

देर रात जागने से होती है समस्या
डॉ. शेखावत ने बताया कि देर रात तक जागने से जैविक समय चक्र बिगड़ जाता है जिससे तनाव सहित अन्य समस्याएं घेर लेती हैं। इसके अलावा अन्य समस्याएं भी शरीर में पनप जाती हैं तो काफी नुकसानदायक है।

उच्च प्रोटीन युक्त भोजन जरूरी
सर गंगा राम अस्पताल की आहार विभाग की प्रमुख वंदना वर्मा ने बताया कि परीक्षा के समय उच्च प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए। साथ ही शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा के दौरान लंबे समय तक एक जगह पर बैठना पड़ता है। ऐसे में बीच-बीच में घूमना भी चाहिए, जिससे शरीर स्वास्थ्य रहता है।
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क्या खाएं
- ताजा फल
- हरी सब्जी का सलाद
- समय पर भोजन
- सुबह का नाश्ता जरूरी
- पनीर, डाई फूड, भुने हुए चने
- अंडा
- भोजन में मोटा अनाज को करें शामिल करें।
- ग्रीन चाय

क्या न खाएं
- कॉफी
- जंक फूड
- चिप्स,चॉकलेट
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