जेएनयू विवाद मामले में राहुल गांधी जैसे ही जेएनयू कैंपस पहुंचे उन्हें एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। उनके जेएनयू पहुंचते ही जोरदार विरोध चालू हो गया और राहुल गांधी गो बैक के नारे लगने लगे।
काले झंडे दिखाने वाले प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राहुल गांधी देशद्रोही के समर्थन में जेएनयू आए हैं इसलिए हम उनका विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के विरोध के बावजूद वो जेएनयू में चल रही चर्चा में शामिल हुए।
छात्रों से चर्चा करने पहुंचे राहुल गांधी ने कार्यक्रम में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सबको अधिकार है। आवाज दबाने वाला ही सबसे बड़ा देशद्रोही होता है। बीजेपी और आरआरएस वाले छात्रों की आवाज दबा रहे हैं।
राहुल का विरोध कर रहे छात्रों में इस कदर गुस्सा है कि वो राहुल के जाते वक्त उनका रास्ता रोकने के लिए उनकी गाड़ी के आगे भी लेट गए। हालांकि उसके बाद राहुल की गाड़ी को दूसरी तरफ से ले जाया गया।
राहुल के विरोध क साथ ही जेएनयू छात्रसंघ ने सोमवार को यूनिवर्सिटी में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। वहीं केजरीवाल ने जेएनयू के मामले में डीएम को जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि लेफ्ट नेता आज केजरीवाल से मिले थे।
राहुल के पहुंचने से पहले कांग्रेस के दिल्ली अध्यक्ष अजय माकन और सीताराम येचुरी व डीराजा भी वहां पहुंचे। बता दें कि आज दिल्ली पुलिस ने शहादत दिवस मनाने के लिए जेएनयू के सात छात्रों को गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद जेएनयू में चर्चा आयोजित की गई।
'साबित करें कहां हुआ देशद्रोह'
जेएनयू विवाद मामले में आज सीपीआई(एम) नेता सीताराम येचुरी और डीराजा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले। राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से कहा कि वो लोग जो ये दावा कर रहे हैं कि जेएनयू में देशद्रोह का काम हो रहा है उन्हें ये साबित करना होगा कि ये घटनाएं हुईं।
उन्होंने कहा कि जेएनयू में कोई कैमरा नहीं है तो फिर ये टेप कहां से आया? वो 20 लोग जिन्हें देशद्रोह मामले में निशाना बनाया जा रहा है, ये साबित किया जाए कि उनकी गलती क्या है? येचुरी ने ये भी कहा कि हमने गृहमंत्री से बात की है इस समय के हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं।
वहीं दिल्ली के सांसद महेश गिरी ने आज डीराजा की बेटी पर आरोप लगाए हैं कि वो उन दस लोगों में शामिल थी जिन्होंने शहादत दिवस में भाग लिया था और देश विरोधी नारे लगाए थे। इस मामले पर जब डीराजा से पूछा गया तो वो बोले कि मुझपर और मेरी बेटी की देशभक्ति पर कोई सवाल ही नहीं उठा सकता।
बता दें कि एक वीडियो सामने आया है जिसमें डीराजा की बेटी अपराजिता दिखाई दे रही हैं। वो इस वीडियो में उग्र जरूर दिख रही हैं लेकिन देश विरोधी नारे लगाते नहीं दिखाई दे रही हैं। इसी पर डीराजा ने सवाल उठाया कि वो कौन होते हैं मेरी बेटी और बेटे की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले? इस बात का फैसला देश को करने दीजिए।
बस्सी ने जेएनयू वीसी को भेजे 6 छात्रों के नाम
येचुरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के बहुत से सैनिक, बहुत से अधिकारी और कई नेता जेएनयू से निकले हैं और ऐसे संस्थान को देशद्रोही करार देना कहां सही है। उन्होंने कहा कि देश के सभी बड़े संस्थानों में यही चल रहा है कि पहले वीसी को बदलो फिर मनमानी करो।
येचुरी ने इसी संबंध में कहा कि उन्होंने गृह मंत्री से इन विषयों पर बात की है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वो किसी निर्दोष के साथ गलत नहीं होने देंगे।
दूसरी तरफ येचुरी और डीराजा के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी भी राजनाथ सिंह से मिलने पहुंचे। इसके साथ ही बस्सी ने जेएनयू के वीसी को वीडियो फुटेज से पहचान करके कन्हैया समेत 6 छात्रों के नाम भेजे हैं।
जिनपर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के आरोप हैं। बस्सी ने चिट्ठी में ये अनुरोध किया है कि इन छात्रों को पेश करें।
आज इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (आईएनएसओ) ने जेएनयू परिसर में विरोध किया।
'जेएनयू की डिग्री लौटा देंगे हम'
संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरू की बरसी को शहादत दिवस के रूप में मनाने के बाद से जेएनयू में जो बवाल मचा हुआ है उसमें अब पूर्व एनडीए अधिकारी भी कूद पड़े हैं।
जेएनयू वीसी को पत्र लिखते हुए जेएनयू से एनडीए के 54वें बैच के अधिकारियों ने अपनी डिग्री लौटाने तक की पेशकश कर दी है। पूर्व सेना अधिकारियों ने कहा है कि हमारे लिए ये मुश्किल हो रहा है कि हम उस विश्वविद्यालय से अपना नाम जोड़े रखें जो देशद्रोही गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
पूर्व एनडीए अधिकारियों ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि अगर इन राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया और यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर ऐसी गतिविधियों को नहीं रोका गया तो हमें अपनी डिग्री लौटाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
हर ओर से हो रही देशद्रोहियों की आलोचना
बता दें कि जेएनयू छात्रसंघ ने अफजल गुरू की बरसी पर विरोध के बावजूद शहादत दिवस मनाया था, इस आयोजन में कुछ कश्मीरी छात्र भी शामिल थे। यही नहीं इस कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाए गए थे और पाकिस्तानी के जयकारे भी लगे थे। इसके बाद संसद के बाहर और प्रेस क्लब में भी पाकिस्तान समर्थित और देशविरोधी नारे लगे थे।
इसी के चलते बीजेपी सांसद महेश गिरी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके बाद कल दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया जहां कन्हैया को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जेएनयू में हो रहे देशद्रोह के मामले की आलोचना केवल पूर्व सैनिकों ने ही नहीं बल्कि हर तबके के लोग कर रहे हैं।
फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने भी देशद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि ये काम गलत हो रहा है और देशद्रोहियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं बाबा रामदेव ने कहा कि देशद्रोहियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे फिर कोई देशद्रोह जैसा अपराध न करे।