सीबीआई की विशेष अदालत में बुधवार को एनआरएचएम घोटाले के तीन केसों में सुनवाई हुई। अदालत में अभियुक्त एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा पेश हुए। जबकि पूर्व प्रमुख सचिव एवं सीनियर आईएएस रहे प्रदीप शुक्ला की ओर से हाजिरी माफी दी गई। दो केसों में गवाह पेश हुए, जबकि एक केस में डिस्चार्ज अर्जी पर बहस नहीं हो सकी।
कोर्ट मिली जानकारी के अनुसार केस के अभियुक्त एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, पीके जैन समेत अन्य पेश हुए। वहीं, यूपी के पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला, नरेश ग्रोवर पेश नहीं हुए। एक केस में सहदेव कुमार की गवाही हुई। उन्होंने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए।
इसके अलावा एक केस में दिनेश चंद कनौजिया अदालत में पेश हुआ, लेकिन समय की अवधि के कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो सके। वहीं, तीसरे केस में डिस्चार्ज अर्जी पर बहस होनी थी, लेकिन प्रदीप शुक्ला के पेश नहीं होने के कारण नहीं हो सकी। अदालत ने केस की अगली सुनवाई के लिए तीनों केसों में चार अप्रैल की तारीख लगाई है।
सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार एनआरएचएम के तहत वर्ष 2010 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दवा की सप्लाई की गई थी। घोटाले का पता चलने पर सीबीआई ने मामले की जांच की थी। जांच में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा समेत अन्य को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी।