गैस व पेट्रोल एजेंसी दिलाने का झांसा देकर पूर्व सैनिक से 91 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पॉलिटिकल कनेक्शन बताकर दावा किया था कि वह पूर्व सैनिक को एजेंसी दिलवा देगा।
आरोपियों ने पूर्व सैनिक को झांसे में लेने के लिए मंत्रालयों में जमा एजेंसी संबंधित कागजात भी दिखाए। मामले की जांच के बाद नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शुक्रवार शाम तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड निवासी मुकेश कंडपाल आर्मी से रिटायर्ड हैं। एक्स सर्विसमैन (वीआईपी) कोटा से वह पेट्रोल पंप की एजेंसी लेना चाह रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात उत्तराखंड निवासी हौसला मिश्रा से हुई। हौसला को जब पता लगा कि मुकेश एजेंसी लेना चाहता है तो उसने पूर्व सैनिक को शैलेश नाथ तिवारी नामक शख्स से मिलवाया।
शैलेश ने कहा कि उसके राजनीतिक संबंध अच्छे हैं। वह मुकेश को लेकर दिल्ली आ गया। दिल्ली में मुकेश की मुलाकात अनूप बेहरा से हुई। अनूप बेहरा ने पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी होने का दावा किया था। अनूप ने कहा कि उसका भाई पीएमओ में ज्वाइंट सेक्रेटरी भी है और वह एजेंसी दिलवा देगा।
एफआईआर में कहा गया है कि शैलेश ने एक सांसद के पीए से मुकेश से मुलाकात करवाई और सबने मिलकर असलम खान से मुलाकात की। असलम खान को बीजेपी अध्यक्ष का पीआरओ बताया गया था। आरोपियों ने मुकेश से किस्तों में 91 लाख रुपये ले लिए और पूर्व सैनिक को सिर्फ कागजात दिखाए।
असलम खान ने झांसा देकर 26 लाख और अनूप ने 20 लाख रुपये ऐंठे। शैलेश तिवारी ने कई नेताओं के नाम लेकर मुकेश से 45 लाख रुपये ठगे। पैसे लेने के बाद आरोपी फरार हो गए और मुकेश का फोन उठाना बंद कर दिया। पूर्व सैनिक की शिकायत पर नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार रात को एफआईआर दर्ज कर ली।