नगर परिषद की कमजोर व्यवस्था के चलते शहर में कूड़ा उठान संकट गहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। शहर की न्यू कॉलोनी, पूराना जीटी रोड़ और अन्य इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौक-चौराहों, कॉलोनियों और खाली प्लॉटों में फैले कचरे ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन उचित उठान न होने के कारण यह सड़कों पर ही जमा रहता है। बीते वर्ष स्वच्छता रैंकिंग में शहर को 824 में से 427वां स्थान मिला था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नगर परिषद ने पहले 2.40 करोड़ रुपये की लागत से तीन माह के लिए एक निजी एजेंसी को सफाई का ठेका दिया था, लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। इसके बाद 28 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल के लिए क्लासिक मैन पावर एजेंसी को कूड़ा उठान का जिम्मा सौंपा गया, लेकिन एजेंसी ने संसाधनों की व्यवस्था के लिए दो माह का समय मांग लिया। इसी बीच सफाई कर्मियों की हड़ताल से हालात और बिगड़ गए। हाल ही में हड़ताल खत्म होने के बाद भी कूड़ा उठान नियमित नहीं हो पाया है।
शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास जारी हैं। नई एजेंसी को कार्य शुरू करने में कुछ तकनीकी और संसाधन संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही व्यवस्था पूरी तरह सुचारू कर दी जाएगी और शहर को साफ-सुथरा बनाया जाएगा।
- डॉ. यशपाल, चेयरमैन, नगर परिषद, पलवल
लोग बोले-नहीं हो रही हमारी सुनवाई
हमारे इलाके में कई दिनों से कूड़ा जमा है, जिसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। बदबू और गंदगी से रहना मुश्किल हो गया है। शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस हैं।
- प्रकाश, न्यू कॉलोनी
गली-मोहल्लों में सफाई नहीं होने से बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। मच्छर और गंदगी से परेशान हैं। नगर परिषद से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- जीवन लाल, देव नगर
दुकान के सामने कूड़े के ढेर लगे रहने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
- महेंद्र, ट्रैक्टर मार्किट
हर साल सफाई के नाम पर योजनाएं और टेंडर होते हैं, लेकिन जमीन पर सुधार नहीं दिखता। नगर परिषद को अब गंभीरता से काम करना चाहिए।
- ऋषिपाल, पंचवटी कॉलोनी