राजधानी दिल्ली में 30 लाख रुपये या उससे कम एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च, 2030 तक रोड टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, पंजीकरण शुल्क में भी छूट मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का मसौदा जारी किया है। इसके अमल में आते ही ई-वाहन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। एक अप्रैल, 2028 से सिर्फ ई-दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
दोपहिया खरीदारों को भी राहत
मसौदा नीति में ई-स्कूटर और बाइक खरीदने वालों के लिए भी आकर्षक सब्सिडी का प्रस्ताव है। नीति लागू होने के पहले साल में 10,000 रुपये प्रति किलोवाट के आधार पर अधिकतम 30,000 रुपये की छूट मिलेगी। दूसरे साल में अधिकतम 20,000 रुपये तक और तीसरे साल में अधिकतम 10,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। शर्त यह है कि कीमत 2.25 लाख रुपये से अधिक नहीं हो।
राशि सीधे लाभार्थी के खाते में
सभी सब्सिडी और छूट की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तारण (डीबीटी) के जरिये सीधे लाभार्थी के खाते में आएंगे। इसके लिए खरीदार दिल्ली का निवासी होना चाहिए और वाहन का पंजीकरण दिल्ली में ही होना चाहिए।
स्क्रैप पर एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा
स्क्रैपिंग पॉलिसी का भी विस्तार किया गया है। पुराने बीएस-चार या उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप कराने पर दोपहिया के लिए 10,000 रुपये, थ्री-व्हीलर के लिए 25,000 रुपये और इलेक्ट्रिक कार के लिए एक लाख रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह कदम न सिर्फ पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने में मदद करेगा, बल्कि नए ईवी खरीदने को भी आर्थिक रूप से आकर्षक बनाएगा।