65 रुपये किलो हुई चीनी
एक वीडियो संदेश जारी करते हुए आप संयोजक ने कानपुर के एक समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट का विशेष रूप से हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि महज पिछले 17 दिनों के भीतर चीनी की कीमतों में 20 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी उछाल आया है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि जो चीनी 17 दिन पहले 46 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी, वह अब बाजार में 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
निर्यात करने वाला देश अब आयात को मजबूर
केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर विदेशी मुद्रा बचाने का तर्क दिया था। लेकिन, इस नीति के चलते गन्ने को चीनी उत्पादन के बजाय इथेनॉल बनाने की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। इसका सीधा नतीजा यह हुआ कि चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भारत कुछ समय पहले तक दुनिया भर में चीनी का निर्यात करता था, वह आज अपनी गलत नीतियों के कारण चीनी आयात करने की योजना बना रहा है।
इंजन खराब होने और माइलेज गिरने का दावा
महंगी चीनी के साथ-साथ, केजरीवाल ने इथेनॉल मिले पेट्रोल से वाहनों को होने वाले नुकसान का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज काफी गिर रहा है और गाड़ियों के इंजन भी जल्दी खराब हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से आम आदमी को दोहरा नुकसान हो रहा है- एक तरफ रसोई में चीनी महंगी खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप पर पैसे खर्च करने के बावजूद गाड़ियों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।