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दिल्ली: डीटीसी कर्मियों पर एस्मा लागू, मांगें पूरी नहीं हुई तो चुनाव में 'आप' के बहिष्कार की चेतावनी

Sun, 28 Oct 2018 05:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल - फोटो : फाइल फोटो
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उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पिछले 6 दिनों से चल रहे अस्थायी कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन के चलते डीटीसी पर एस्मा लागू कर दिया। पुलिस को अस्थायी कर्मचारियों के धरना समाप्त न करने पर कानूनी कार्रवाई को कहा गया है। एस्मा डीटीसी के अस्थायी और अस्थायी कर्मचारी दोनों पर लागू होगा। इस दौरान डीटीसी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सेवा शर्तों का पूरा करना अनिवार्य है। इस फैसले से डीटीसी कर्मचारियों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। एस्मा लगने के बाद डीटीसी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। 

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 डीटीसी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के कारण डीटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। ऐसे में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार को डीटीसी पर आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (इसेंशियल सर्विसेस मेंटिनेंस एक्ट, एस्मा) लागू कर दिया। नोटिस में डीटीसी बस सेवा को दिल्ली के लिए आवश्यक सेवा बताया गया है, जो कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के कारण प्रभावित हो रही है।

अगले 6 महीने तक किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक
इसी के मद्देनजर सभी कर्मचारियों को हड़ताल / धरना-प्रदर्शन समाप्त कर तत्काल अपने-अपने कार्य स्थलों पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली के यात्रियों की परेशानी के मद्देनजर डीटीसी कर्मचारियों द्वारा अगले छह महीने तक किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन और हड़ताल पर रोक लगा दी गई है। एस्मा का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुबंध शर्तों, जैसा कि डीआरटीए की धारा 15 (नियुक्ति की शर्तें और सेवा) विनियम, 1952 में प्रदत्त हैं, नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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इस बाबत स्थानीय पुलिस ने डीटीसी कर्मचारियों को एस्मा की सूचना दे दी है, लेकिन डीटीसी कर्मचारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा और कर्मचारी जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। शनिवार रात तक कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा है वहीं पुलिस भी स्थिति पर काबू पाने के लिए तैयार दिखाई दी।

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डीटीसी कर्मियों ने सरकार को दी चेतावनी, कल हड़ताल की घोषणा 

डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों को दिल्ली के विभिन्न मजदूर संगठनों और अन्य संगठनों ने अपना समर्थन देने की घोषणा की। मांगे पूरी न होने पर डीटीसी कर्मचारियों और अन्य संगठनों ने लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। साथ ही मांगें पूरी न होने पर 29 अक्तूबर को हड़ताल की घोषणा पहले ही कर दी है।

डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर ने शनिवार को प्रेस वार्ता बुलाई, जिसमें हरियाणा रोडवेज कर्मियों, सीआईटीयू दिल्ली के अध्यक्ष वीरेंद्र गौड़, एआईटीयूसी दिल्ली के महासचिव धीरेंद्र शर्मा, एआईयूटीयूसी के महासचिव मैनेजर चौरसिया, डूटा अध्यक्ष राजीव रेय, जेएनयूएसयू अध्यक्ष एन.साई बालाजी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गोपाल प्रधान, जन संस्कृति मंच, संगवारी थियेटर के अध्यक्ष कपिल शर्मा समेत अन्य संगठनों ने डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों को समर्थन देने की घोषणा की।

डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर अध्यक्ष संतोष रॉय ने कहा कि पहले दिल्ली की परिवहन व्यवस्था इतनी बेहतर थी कि यहां डबल डेकर बसें चलती थीं और अब डीटीसी व सरकार की लापरवाही के चलते डीटीसी खत्म होने के कगार पर है। जिस शहर की परिवहन व्यवस्था बेहतर होती है, वहां की जनता उतनी ही खुशहाल होती है, लेकिन दिल्ली सरकार दिल्ली में डीटीसी की हालत को नहीं सुधारना चाहती है। इस वजह से दिल्ली में सार्वजनिक सड़क परिवहन व्यवस्था लचर बनी हुई है। कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं की गई तो सभी कर्मचारी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का बहिष्कार करेंगे और जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ चुनाव में भी खड़े होंगे।

वहीं, जेएनयूएसयू अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने कहा कि डीटीसी बसों से छात्रों को काफी सहूलियत होती है और अगर कर्मचारियों की मांगें प्रशासन नहीं मानेगा तो छात्र भी प्रशासन के विरोध में उतरेंगे। दूसरी ओर, इस बीच आईपी डिपो स्थित डीटीसी मुख्यालय पर कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। करवाचौथ के मौके पर डीटीसी महिला कर्मचारियों ने भी धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर कर हिस्सेदारी की।
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