डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों को दिल्ली के विभिन्न मजदूर संगठनों और अन्य संगठनों ने अपना समर्थन देने की घोषणा की। मांगे पूरी न होने पर डीटीसी कर्मचारियों और अन्य संगठनों ने लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। साथ ही मांगें पूरी न होने पर 29 अक्तूबर को हड़ताल की घोषणा पहले ही कर दी है।
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर ने शनिवार को प्रेस वार्ता बुलाई, जिसमें हरियाणा रोडवेज कर्मियों, सीआईटीयू दिल्ली के अध्यक्ष वीरेंद्र गौड़, एआईटीयूसी दिल्ली के महासचिव धीरेंद्र शर्मा, एआईयूटीयूसी के महासचिव मैनेजर चौरसिया, डूटा अध्यक्ष राजीव रेय, जेएनयूएसयू अध्यक्ष एन.साई बालाजी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गोपाल प्रधान, जन संस्कृति मंच, संगवारी थियेटर के अध्यक्ष कपिल शर्मा समेत अन्य संगठनों ने डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों को समर्थन देने की घोषणा की।
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर अध्यक्ष संतोष रॉय ने कहा कि पहले दिल्ली की परिवहन व्यवस्था इतनी बेहतर थी कि यहां डबल डेकर बसें चलती थीं और अब डीटीसी व सरकार की लापरवाही के चलते डीटीसी खत्म होने के कगार पर है। जिस शहर की परिवहन व्यवस्था बेहतर होती है, वहां की जनता उतनी ही खुशहाल होती है, लेकिन दिल्ली सरकार दिल्ली में डीटीसी की हालत को नहीं सुधारना चाहती है। इस वजह से दिल्ली में सार्वजनिक सड़क परिवहन व्यवस्था लचर बनी हुई है। कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं की गई तो सभी कर्मचारी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का बहिष्कार करेंगे और जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ चुनाव में भी खड़े होंगे।
वहीं, जेएनयूएसयू अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने कहा कि डीटीसी बसों से छात्रों को काफी सहूलियत होती है और अगर कर्मचारियों की मांगें प्रशासन नहीं मानेगा तो छात्र भी प्रशासन के विरोध में उतरेंगे। दूसरी ओर, इस बीच आईपी डिपो स्थित डीटीसी मुख्यालय पर कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। करवाचौथ के मौके पर डीटीसी महिला कर्मचारियों ने भी धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर कर हिस्सेदारी की।