प्रदूषण घटाने के लिए किया गया पानी का छिड़काव
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राष्ट्रीय राजधानी समेत एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति ठीक हो रही है। तेज हवाओं से न सिर्फ स्मॉग खत्म हुआ है, बल्कि प्रदूषण तत्व भी छंटे हैं।
इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण नियामक (ईपीसीए) ने निर्देश जारी करते हुए दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर बैन और चार गुना पार्किंग फीस वापस ले ली है। ईपीसीए ने निर्माण कार्यों पर लगा रोक भी हटा लिया गया है।
ईपीसीए ने यह फैसला दिल्ली के घटे प्रदूषण को देखते हुए आज ही लिया है। बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे प्राधिकरण ने निर्देश जारी करते हुए ट्रकों की एंट्री पर से बैन और पार्किंग फीस में जो चार गुना वृद्धि की गई थी उसे भी वापस ले लिया है।
तेज हवाओं से स्मॉग खत्म, प्रदूषण तत्व छंटे
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार मिक्सिंग हाइट यानी वातावरण की मिश्रित परत भी अपने सामान्य ऊंचाई 1000 मीटर के करीब है। सीपीसीबी के मुताबिक ज्यादातर स्थानों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी से निकलकर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
दूसरी ओर, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि आदेश पर स्थानीय एजेंसियों ने उन जगहों की पहचान कर ली है, जहां धूल प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा।
सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली के पांच स्थानों में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) समेत लोधी रोड सीरी फोर्ट, सीआरआरआई मथुरा रोड, नॉर्थ कैंपस सर्वाधिक प्रदूषित हैं। हालांकि डीटीयू छोड़ सभी जगह हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
गाजियाबाद, रोहतक, नोएडा, गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता सर्वाधिक प्रदूषित
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वहीं दिल्ली समेत एनसीआर में गाजियाबाद, रोहतक, नोएडा, गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता सर्वाधिक प्रदूषित हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वायु गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आगे की योजना तैयार कर ली गई है। उन जगहों की पहचान हो चुकी है, जहां धूल कण कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा।
इसके अलावा निर्माण कार्यों पर नियंत्रण व अन्य उपाय किए जाएंगे। 17 नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के टास्क फोर्स की बैठक भी इसी सिलसिले में की जाएगी।