प्रदूषण को लेकर बने नियम के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को सरकार और तेज करेगी। केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने सोमवार को प्रदूषण पर एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस पर नियंत्रण के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।
उत्तर भारत के राज्यों में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव भी शामिल रहे। मिश्रा ने कहा कि हम प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेंगे। नियम तोड़ने वालों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा वह खुद रोज हालात की समीक्षा करेंगे। वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय की गई है।
प्रदूषण कम करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर अगले 15 दिन तक विशेष अभियान चलाएंगे। इसे पूरे दिसंबर तक जारी रखा जाएगा। इस दौरान अवैध निर्माण और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि दिवाली केे बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा जहरीली होने के कारण ईपीसीए को हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी थी। मिश्रा ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटना पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है, वहीं हरियाणा में इसमें कमी आई है। पराली जलाना एक प्रशासनिक मसला है, जिसे हमें गंभीरता से हल करना पड़ेगा।
फिलहाल हॉट मिक्स प्लांट व स्टोन क्रशर बंद रहेंगे
ईपीसीए ने दिल्ली और एनसीआर के राज्यों से कहा है कि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों पर अंकुश व पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए निगरानी रखें। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों में वायु की गुणवत्ता फिर खराब हो सकती है। ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने दिल्ली व एनसीआर राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिख कर हॉट मिक्स प्लांट, रेडी मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर को फिलहाल बंद रखने को कहा है।