गोरखपुर में ज्वाइंट इंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई-मेन) में असफल होने पर इंटर की छात्रा अदिति मिश्रा (18) ने खुदकुशी कर ली। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बेतियाहाता स्थित गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में छात्रा ने पंखे में फंदा लगाकर जान दे दी। कमरे में एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने परीक्षा में नाकामी से आहत होकर जान देने की बात लिखी है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर दिग्गज उद्यमी गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में अडानी ने बच्चों के साथ माता-पिता और अभिभावकों को भी सलाह दी है। अपने खुद के उदाहरण के साथ।
अडानी ने लिखा- अपेक्षाओं के बोझ तले दबकर एक होनहार बेटी का यूं चले जाना हृदयविदारक है। जीवन किसी भी परीक्षा से बड़ा होता है- यह बात अभिभावकों को खुद भी समझनी होगी और बच्चों को भी समझानी होगी। मैं पढ़ाई में बहुत सामान्य था। पढ़ाई एवं जीवन में कई बार असफल भी हुआ, लेकिन हर बार जिंदगी ने नया रास्ता दिखाया। मेरी आप सभी से बस इतनी सी विनती है - असफलता को कभी आखिरी मंजिल न समझें। क्योंकि ज़िंदगी हमेशा दूसरा मौका देती है…!
अदिति बेतियाहाता स्थित गर्ल्स हॉस्टल में अदिति कमरा नंबर 86 में रहती थी। हॉस्टल में कुल 12-13 कमरे हैं। इसमें 25 के करीब छात्राएं तैयारी कर रही हैं। वहां रहने वाली छात्राएं अदिति की मौत पर हतप्रभ थीं। एक दूसरे को पकड़ कर बार-बार रोने लग रही थीं। छात्राओं ने बताया-अदिति लोगों से ज्यादा मतलब नहीं रखती थी। वह हमेशा अपने में ही खोई रहती थी। वहीं उसके साथ कमरे में रहने वाली छात्रा ने बताया कि उससे भी वह कम ही बात करती थी। दो दिन पहले ही अदिति मेंहदावल स्थित घर से वापस आई थी।
छात्रा के घरवाले पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे, उन्हें समझाया गया। इसके बाद कैंट थाने की पुलिस ने शव को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवाकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में भी मौत का कारण हैंगिंग यानी फंदे से लटक कर मौत आई है। शाम करीब 06:30 बजे शव लेकर परिजन संतकबीरनगर स्थित घर चले गए।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
आईएएस बनना चाहती थी अदिति
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पास रहने वाली अदिति की मौसी कल्पना और मौसा सूर्यनाथ मिश्रा घटना के कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए। मौसी ने कहा कि मंगलवार को जेईई मेन के रिजल्ट आने पर उनकी बात अदिति से हुई थी। उसने कहा था कि सफल नहीं हुई तो क्या हुआ, आगे आईएएस की तैयारी करेगी। वह शुरू से ही आईएएस बनना चाहती थी। अदिति के मौसा बोले-जब तबीयत खराब होती थी तब हमलोग उसे डॉक्टर को दिखाते थे। बोला भी था कि जब भी कोई परेशानी हो वह उनके घर चली आए।