'दो मिनट के लिए फोन नहीं दिया'
दिपके ने रविवार दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, वह गांव में रहने वाले अपने चचेरे भाई से बात कर दादी के निधन के बारे में जानना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पुलिस से दो मिनट के लिए फोन मांगा, लेकिन उन्हें फोन नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात करीब 3:30 बजे पुलिस ने उनसे माता-पिता को फोन कर अपनी गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए कहा। दीपके ने कहा कि उनके माता-पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती, ऐसे में देर रात उन्हें फोन करने के लिए कहना परेशान करने वाला था।
पुलिस ने किया सबूत
इसके जवाब में दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि दिपके को घर जाने के लिए वाहन, फ्लाइट और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पेशकश की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया कि उसमें दीपके को मदद की पेशकश की जाती दिख रही है, जबकि वह कथित तौर पर इसे ठुकराते नजर आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, परिजनों से संपर्क करने और घर जाने के संबंध में दिपके ने कहा कि उन्हें वहीं रहना है। पुलिस ने सीजेपी के सभी आरोपों को निराधार बताया है।
अभिजीत दिपके और पुलिस के बीच हुई पूरी बातचीत
पुलिस : सर, एक इंफॉर्मेशन शेयर करनी है। थोड़ा सेंसिटिव है बट सॉरी हम आपको सॉरी बोल रहे है। आपकी दादी की डेथ हो गई है।
इसी के लिए आप जैसा कि हमें अभी इंफॉर्मेशन मिली है।
सर, ऐसा है कि आपने अपना अगर माइंड मेकअप किया हो, अगर आपको अभी अगर आपके दादी की अंतिम संस्कार में अगर जाना है तो बस या जो भी ट्रांसपोर्ट मतलब बस, फ्लाइट वगैरह जो भी है हम आपको अरेंज करवा देंगे।
अभिजीत दिपके : आई विल स्टे
पुलिस : आप यहीं रुकेंगे।
अभिजीत दिपके : आई विल स्टे
पुलिस: आप जाना नहीं चाहते।
अभिजीत दिपके: आई विल स्टे
पुलिस: ओके और सेंकड थिंग ये है कि अगर आप अपने किसी फैमली मेबंर से अगर बात करना चाहते हैं तो वो भी हम जिससे भी आप बात करना चाहते हैं तो हम आपको अपने ऑफिशियल नंबर से बात करवा सकते हैं। अगर आप चाहते हैं तो नंबर नोट करके दे दीजिए। नंबर अभी मेरे पास नहीं है। फादर का अगर नंबर आप।
अभिजीत दिपके: फादर से बात नहीं कर पाऊंगा।
पुलिस: ठीक है, लेट्स सी क्या कर सकते हैं।
अभिजीत दिपके: मुझसे कोई, नहीं फ्यूनरल करा दो। आज ही कर दो।
पुलिस: जो इंफॉर्मेशन मिली है वो ये है सर कि फ्यूनरल कल के लिए शेड्यूल किया गया है।
और आपको इसमें जो भी फेसिलिटी या फैसिलिटेशन हम कर सकते हैं हम कोशिश करते रहेंगे।
अभिजीत दिपके: नहीं, ठीक है, मैं, मैं नहीं निकलूंगा यहां से।
पुलिस: ठीक है सर, फिर भी आपका अगर कोई माइंड चेंज होता है तो आप हमें बता देना।