2019 से आईपी यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, लॉ और एमसीए में दाखिला आईपी यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा (विवि द्वारा स्वयं आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा) की मेरिट के आधार पर नहीं करेगा। विश्वविद्यालय ने 2019 से दाखिला नियमों में बदलाव कर दिया है। अब इंजीनियरिंग में दाखिला जेईई मेन, एनआईएमसीईटी से एमसीए, क्लैट से बीए-एलएलबी, बीबीए-एलएलबी व एलएलएम में दाखिले होंगे।
आईपी यूनिवर्सिटी प्रबंधन के मुताबिक, अभी तक इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, एमसीए, बीए-एलएलबी, बीबीए-एलएलबी व एलएलएम में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय अपनी संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाता था। लेकिन, 2019 सत्र के लिए दाखिला नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब नए नियमों के तहत दाखिले होंगे। इसके लिए ऑल इंडिया स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षा की मेरिट से ही दाखिला सीट आवंटित की जाएगी।
आईपी यूनिवर्सिटी बीटेक प्रोग्राम में दाखिले के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित होने वाली जेईई मेन परीक्षा के पेपर एक के आधार पर तैयार मेरिट स्कोर से सीट आवंटित करेगी। जबकि जेईई मेन परीक्षा के पेपर एक व दो के आधार पर तैयार मेरिट स्कोर से आर्किटेक्चर प्रोग्राम में दाखिला सीट मिलेगी।
इसके अलावा एमसीए प्रोग्राम में दाखिला एनआईटी की ओर से आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा एनआईटी एमसीए कॉमन एंट्रेस टेस्ट (एनआईएमसीईटी) की मेरिट स्कोर से सीट आवंटित होगी। वहीं, बीए-एलएलबी, बीबीए-एलएलबी और एलएलएम में दाखिला सीट कॉमन लॉ एडमिशन (क्लैट) की मेरिट स्कोर से मिलेगी।
गौरतलब है कि अभी तक आईपी यूनिवर्सिटी सभी डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए स्वयं संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करती थी। इसी प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर सीट आवंटित होती रही है। इससे पहले मेडिकल डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए नीट स्कोर से सीट देने का काम शुरू किया गया था।