नवदीप ने कोलकाता के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग करने के बाद डेढ़ साल मर्चेट नेवी में नौकरी की। फिर वह एमटेक करने स्वीडन चला गया। वहां से पढ़ाई पूरी कर 2017 में भारत लौट आया था। वह पीएचडी में दाखिला लेना चाहता था, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया।
बताया गया है कि दिल्ली आने के नवदीप डिप्रेशन का शिकार हो गया। उसने कई बार अपने माता-पिता से आत्महत्या के विचार आने की बात की। यहां तक कि वह आत्महत्या के तरीके और मौत के बाद के जीवन के बारे में खोज करने लगा।
रविवार को उसने अपनी मां के पास व्हाट्स ऐप मैसेज कर सुसाइड का विचार आने की बात की। मां ने फौरन बुराड़ी में रहने वाले अपने भाई को कॉल कर नवदीप को अपने पास लेकर आने को कहा।
मामा उसे बुराड़ी स्थित अपने घर ले आए। यहां सोमवार देर रात उसने दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। मंगलवार सुबह सात बजे लोगों ने उसे नीचे पड़े देखा तो सूचना पुलिस को दी।
मौत के बाद के जीवन की थी उत्सुकता
नवदीप अपने जीवन को लेकर खासा परेशान था। पुलिस को छानबीन के दौरान उसके पास एक किताब मिली है, जिसका शीर्षक ‘लाइफ आफ्टर डेथ’ है।
उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री देखने पर पता चला है कि वह मौत के बाद के रहस्य को जानने के लिए इंटरनेट पर विभिन्न साइटों पर जाता था। पुलिस ने उसका लैपटॉप कब्जे में लिया है। उसके मोबाइल के डाटा को भी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों के आने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।