बिंदापुर इलाके में लोन एप्स के जरिए मानसिक प्रताड़ना करने का मामला सामने आया है। पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर ने रिकवरी एजेंट की तरफ से मिल रहे प्रताड़ना के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। बिंदापुर थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
द्वारका जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीपक रोहिल्ला (35) सपरिवार उत्तम नगर में रहता है। परिवार में पत्नी सुरुचि, मां सरोज बाला, पिता राजकुमार हैं। दीपक की उत्तम नगर में आईटी कंपनी है। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि पिछले साल जनवरी में उसने आईएफएल से लोन लिया था। मार्च में कोरोना महामारी आ जाने पर सारा काम ठप हो गया। ग्राहकों से पैसा आना बंद हो गया। उसे लोन की जरूरत थी। कैश बीन नाम के लोन एप से तीन हजार का लोन मंजूर हुआ। लेकिन उसके खाते में 22 सौ रुपये आये। सात दिन के भीतर ही उसे चुकाना था।
दीपक को 40 हजार रुपये की जरूरत थी। इसलिए उसने दूसरे एप से लोन लिया। सात दिन के बाद लोन देने वालों ने उसके सभी परिचितों, रिश्तेदारों और जानकारों के पास फोन कर दिया और मैसेज भी भेजे। रिश्तेदारों को यह कहा गया कि दीपक ने उन्हें गारंटर बनाया है। यहां तक कि उनके पास मैसेज भेजकर यह साबित करने का प्रयास किया गया कि दीपक पागल हो गया है।
लिखा गया कि उसकी अगर सौ-सौ रुपये देंगे तो उसकी मदद हो जाएगी। इस तरह के ब्लैकमेलिंग से दीपक आहत हो गया। उसके परिचितों का दीपक के पास फोन आने लगा। उसके बाद दीपक ने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।