फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोटरबोट का इंजन फेल, डेढ़ घंटा गंगा में फंसा रहा परिवार

Thu, 01 Aug 2019 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
demo pic - फोटो : social media
विज्ञापन

उफनती गंगा में इंजन फेल होने से मोटर बोट बहने पर दिल्ली के फोटो जर्नलिस्ट समेत उसके परिवार की रूह कांप गई। मोबाइल पर सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया, जिसने आनन फानन में दूसरी मोटर बोट ले जाकर परिवार को सकुशल बचा लिया।

विज्ञापन


दिल्ली के फोटो जर्नलिस्ट शमशेर सिंह बुधवार की दोपहर को अपनी मां सुधा, भाभी प्रेमलता और भतीजे विमल के साथ ब्रजघाट तीर्थनगरी में आए थे। गंगा मैया की पूजा अर्चना और मंदिरों में देवी देवताओं के समक्ष मत्था टेकने के बाद नाव में सवार होकर गंगा मैया की सैर पर चले गए। 

करीब आधा घंटा बाद ही इंजन फेल होने से मोटर बोट उफनती गंगा में बह निकली। इंजन फेल होने से मोटर बोट उल्टी बहने से नाविक के होश उड़ गए, जबकि अनहोनी की आशंका को लेकर उसमें सवार शमशेर सिंह समेत उनके परिवार को पसीने छूट गए। 
विज्ञापन


शमशेर सिंह ने हौसला नहीं खोया और मोबाइल से गढ़ कोतवाली को इस घटनाक्रम के विषय में खबर कर दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर ने ब्रजघाट चौकी इंचार्ज मनीष चौहान को तत्काल मौके पर भेज दिया। 

इसके बाद एसएसआई सुरेंद्र सिंह और एसआई कुशपाल सिंह को साथ लेकर इंस्पेक्टर खुद भी ब्रजघाट गंगानगरी को रवाना हो गए, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ब्रजघाट पुलिस दूसरी मोटर बोट लेकर उफनती गंगा और चारों तरफ छाए घने अंधेरे में मुसीबत के बीच फंसे दिल्ली के परिवार को सकुशल वापिस ले आई। शमशेर सिंह ने इंस्पेक्टर समेत पुलिस कर्मियों का आभार जताया।

ऐसा लग रहा था जिंदगी कुछ पलों की है मेहमान
 उफनती गंगा की चपेट में आने से बाल बाल बचकर लौटे शमशेर सिंह ने बताया कि हर तरफ घना अंधेरा छाया हुआ था और गंगा की जलधारा हिचकोले ले रही थी। ऐसा लग रहा था कि अब उनकी और परिजनों की जिंदगी कुछ ही पलों की मेहमान है। लेकिन मां गंगा की कृपा के चलते हौंसला खोने की बजाए मोबाइल से कॉल कर गढ़ कोतवाली का नंबर हासिल कर लिया। पुलिस ने आखिरकार उनके परिवार की जान बचा ली। 

गंगा में अब रात में मोटर बोट और नाव नहीं चलेंगी  
दिल्ली के परिवार के गंगा में फंस जाने की घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया। प्रशासन ने फैसला लिया है कि रात में अब कोई भी मोटर बोट और नाव नहीं चलाई जाएगी। इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर और चौकी इंचार्ज मनीष चौहान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फिटनेस के मानक पर खरी न उतरने वाली मोटर बोट और नावों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें