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आबकारी नीति मामला: सीबीआई के बाद अब ईडी भी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, 19 मार्च को होगी सुनवाई

Tue, 10 Mar 2026 11:59 AM IST
Vijay Singh Pundir न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने अपनी अर्जी में कहा है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियां बहुत ज्यादा और बेवजह की गई हैं। यह भी तर्क दिया है कि अदालत ने अंदाजे के आधार पर बिना उसका पक्ष सुने पीठ पीछे से तल्ख टिप्पणियां की हैं।
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ED - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय भी ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्णय में की गई कुछ टिप्पणियों को हटाने की मांग को लेकर लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मांग की है कि 27 फरवरी के आदेश में उसके खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने का निर्देश दिया जाए। इस मामले में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।

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ईडी की अर्जी पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई की। प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट के जज ने जिस मामले में एजेंसी के खिलाफ टिप्पणियां की हैं उस मामले में प्रवर्तन निदेशालय का कोई कंसर्न नहीं है। न्यायाधीश ने बिना एजेंसी को सुने टिप्पणियां की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी टिप्पणियां करनी भी थीं, तो अदालत को पहले एजेंसी का पक्ष सुनना चाहिए था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है, जिनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की है।
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केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 लोगों को नोटिस
बता दें कि आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने राउन एवेन्यू कोर्ट की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और इसके जांच अधिकारी के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों और जांच अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश पर सोमवार को रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में 16 मार्च को सुनवाई होगी।

ईडी की दिल्ली हाईकोर्ट से अपील
ईडी ने अपनी अर्जी में कहा है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियां बहुत ज्यादा और बेवजह की गई हैं। यह भी तर्क दिया है कि अदालत ने अंदाजे के आधार पर बिना उसका पक्ष सुने पीठ पीछे से तल्ख टिप्पणियां की हैं। ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की है कि वह उसकी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बारे में ट्रायल कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटा दे। ट्रायल कोर्ट ने ये टिप्पणियां हाल ही में सीबीआई के आबकारी नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य को आरोपमुक्त करते हुए की थीं।

ईडी ने अपनी याचिका में कहा कि 27 फरवरी का ट्रायल कोर्ट का आदेश साफ तौर पर न्यायिक दखलंदाजी का मामला है, क्योंकि कोर्ट ने उसके खिलाफ सख्त टिप्पणी करने से पहले न तो एजेंसी के सबूतों की जांच की और न ही उसके पक्ष को सुना। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोपपत्र आम आदमी पार्टी की सरकार की 2021 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है। सीबीआई और इंडी ने इस मामले की अलग-अलग जांच की। विशेष जज जितेंद्र सिंह की कोर्ट ने पीएमएलए और ईडी की जांच के बारे में कई सख्त बातें कही थीं।

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