ऊर्जा के नए वैकल्पिक स्रोत और तकनीक की प्रदर्शनी के साथ शुरू हुए आठवें रिन्यूअल एनर्जी एक्सपो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू दिखाई दिया।
कार्यक्रम में जापान के सबसे बडे़ संस्थान न्यू एनर्जी एंड इंडस्ट्रीयल टेक्नोलॉजी डेवलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (नीडो) के कार्यकारी निदेशक मुनेहिको सूचिया ने पीएम मोदी के विजन की तारीफ करते हुए कहा कि आर्थिक दृष्टि से भारत 2020 तक दुनिया का सबसे बड़ा बाजार होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में कारोबार में सहूलियत होने से निवेश बढ़ने के साथ-साथ जापानी तकनीक भारत के विकास में सहयोग करेंगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक्सपो में जापान की 22 कंपनियों की ओर से डिस्प्ले होने वाली तकनीक, आपसी समन्वय को बढ़ाएंगी।
ग्रेनो में पहली बार हो रहे इस एक्सपो के आयोजक यूबीएम इंडिया के प्रबंध निदेशक जोजी जॉर्ज ने कहा कि निवेश के नए अवसरों से इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
एक्सपो में जापान, चीन, अमेरिका, कनाडा, ताइवान, ब्रिटेन और इटली समेत 35 देशों ने विंड पावर, सोलर पावर, जियोथर्मल एनर्जी (भूमिगत व जल स्रोत), बायो एनर्जी जैसी वैकल्पिक ऊर्जा तकनीकों पर आधारित 500 स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें 12 हजार कारोबारी हिस्सा ले रहे हैं।
गवर्नमेंट-इंडस्ट्री-यूनिवर्सिटी सहयोग जरूरी
कनाडा हाई कमिशन की एक्टिंग मिनिस्टर (कमर्शियल) रोशलीन क्वॉन ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास के लिए 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस क्षेत्र में सरकार, उद्योग और विश्वविद्यालयों को मिलकर काम करने की जरूरत है। इसकी जरूरत को देखते हुए कनाडा सरकार ने विंड एनर्जी इंस्टीट्यूट और ग्रीन एंवायरमेंट रिसर्च लैब जैसे संस्थान संचालित किए हैं।'