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नर्सरी दाखिला: ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग की सीटों पर दाखिले का इंतजार खत्म, ये डॉक्यूमेंट रखें तैयार

Sun, 13 Jan 2019 04:58 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nursery admission - फोटो : हिमांशु सोनी
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दिल्ली के निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक पिछड़ा वर्ग), डीजी (वंचित वर्ग) व दिव्यांग श्रेणी की 25 फीसदी सीटों पर दाखिले का इंतजार खत्म हो गया है। शिक्षा निदेशालय ने नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। लगभग 1,700 निजी स्कूलों में इस वर्ग के बच्चों की 40 हजार सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 15 जनवरी से होगी।

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ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 फरवरी को खत्म हो जाएगी। इसके बाद दिव्यांग श्रेणी के बच्चों के लिए पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ 21 फरवरी और ईडब्ल्यूएस व डीजी श्रेणी के लिए पहला ड्रॉ 27 फरवरी को होगा। ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट www.edudel.nic.in के माध्यम से किए जा सकते हैं। 

शिक्षा निदेशालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक, एक लाख वार्षिक आय से कम वाले ईडब्ल्यूएस के बच्चों के अलावा डीजी श्रेणी के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग (नॉन क्रीमी लेयर), अनाथ, ट्रांसजेंडर व एचआईवी प्रभावित बच्चों को 22 फीसदी सीटों पर दाखिले का अवसर मिलेगा। वहीं, 3 फीसदी सीटों पर दिव्यांग श्रेणी के बच्चों का दाखिला होगा।  
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दाखिले के लिए अधिकतम आयु सीमा तय
शिक्षा निदेशालय ने प्री स्कूल यानी नर्सरी के लिए 3 से 5 वर्ष, प्री प्राइमरी यानी केजी के लिए 4 से 6 वर्ष और पहली कक्षा के लिए 5 से 7 वर्ष आयु सीमा तय की है।

जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत दाखिले के लिए अभिभावकों को जरूरी दस्तावेज के रूप में राजस्व विभाग का आय प्रमाणपत्र, बीपीएल राशन कार्ड तैयार रखना होगा। वहीं, एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, अनाथ, ट्रांसजेंडर और एचआईवी प्रभावित बच्चों के लिए आय प्रमाण पत्र जरूरी नहीं है। इन सभी श्रेणियों में दाखिले के लिए अभिभावक का तीन वर्ष से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है।

डोनेशन मांगने पर 10 गुना जुर्माना
ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के बच्चों के दाखिले के नाम पर स्कूल अभिभावकों से कैपिटेशन या डोनेशन नहीं मांग सकते। ऐसा करते पाए जाने पर फीस का 10 गुना जुर्माना स्कूल प्रशासन को भरना होगा।

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