उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र स्थित नेहरू विहार में सोमवार शाम मोहम्मद राशिद (40) की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयान (21) और इमरान (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चोरी की स्कूटी भी बरामद कर ली है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि सोमवार शाम नेहरू विहार की डी-2 गली में ई-रिक्शा, ऑटो एजेंसी और पानी प्लांट का संचालन करने वाले राशिद पर स्कूटी सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उसे करीब 10 गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सक्रिय दो आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही गैंगवार को वजह माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि राशिद को नसीम दुर्रानी गिरोह का करीबी माना जाता था। वहीं राजा मेवाती उर्फ अक्की डॉन गिरोह के सदस्यों को शक था कि 26 मई को खजूरी खास में हुई राजा मेवाती की हत्या में राशिद की भूमिका रही है। इसी रंजिश में उसकी हत्या की साजिश रची गई।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि वारदात से पहले हमलावर कुछ लोगों से मिले थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर रात मुस्तफाबाद से अयान और इमरान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि अयान पिछले करीब एक सप्ताह से राशिद की रेकी कर रहा था और उसकी गतिविधियों की जानकारी शूटरों तक पहुंचा रहा था। वहीं इमरान ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी नूर-ए-इलाही इलाके से चोरी कर उपलब्ध कराई थी। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी राजा मेवाती गिरोह से जुड़े हुए हैं।
सट्टा, अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर चल रहा था गिरोहों में संघर्ष
पुलिस के अनुसार, दयालपुर, खजूरी खास, मुस्तफाबाद और करावल नगर क्षेत्रों में सट्टा, अवैध वसूली और वर्चस्व को लेकर राजा मेवाती और नसीम गिरोह के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। दोनों गिरोहों के सदस्य लगातार एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। पुलिस अब मुख्य शूटरों और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।