शहर के टेक जोन आईटी पार्क स्थित मोबाइल बनाने वाली वीवो कंपनी के बाहर मंगलवार दोपहर कर्मियों ने जमकर हंगामा कर दिया। कर्मियों का आरोप था कि बिना नोटिस दिए कंपनी लगातार कर्मियों को निकाल रही है।
इसके चलते कर्मियों ने कंपनी के अंदर हंगामा किया। हल्का तोड़फोड़ होने की भी बात सामने आई है । हंगामे की सूचना होने पर मौके पर इकोटेक-3 थाना समेत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के अन्य थानों की भी फोर्स पहुंच गई और स्थिति को संभाला।
मोबाइल बनाने वाली चाईनीज वीवो कंपनी में ने करीब डेढ़ वर्ष पहले टेक जोन आईटी पार्क में कार्य शुरू किया था। बताया जा रहा कंपनी में तीन शिफ्टों में लगभग चार से पांच हजार कर्मी कार्य करते हैं। मंगलवार दोपहर एक शिफ्ट से कार्य करने के बाद बाहर निकले कर्मियों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कर्मियों का आरोप था कि बाहर निकलते समय बहुत से कर्मियों से सुरक्षाकर्मी उनके आईडी कार्ड वापस ले रहे थे। अचानक से यह बात अंदर मौजूद कर्मियों में भी फैल गई। कंपनी के अंदर और बाहर मौजूद बहुत से कर्मियों ने हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सुरक्षाकर्मियों ने जब उन्हें बाहर करना चाहा तो कुछ ने वहां मौजूद टेबल, गमले आदि तोड़ दिए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और बाउंसरों ने कर्मियों को बाहर खदेड़ दिया। हंगामे की सूचना पर इकोटेक-3 थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
बाहर निकले कर्मियों ने अन्य कर्मियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मियों के हंगामे के चलते मौके पर नॉलेज पार्क, कासना, सूरजपुर थानों की पुलिस भी पहुंच गई। लगभग डेढ़ से दो घंटे तक कर्मी विरोध प्रदर्शन करते रहे।
प्रोडक्शन कम होने पर निकाले जाने का आरोप
कर्मियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कंपनी प्रबंधन बिना किसी कारण के प्रतिदिन 60 से 70 कर्मियों को निकाल रही है। इस तरह से अब तक चार सौ से पांच सौ कर्मी कंपनी निकाल चुकी है। आरोप है कि प्रोडक्शन कम होने का बहाना बनाकर कर्मियों को निकाला जा रहा है, जब आईपीएल चल रहा था तो कंपनी की बिक्री अच्छी थी इस दौरान कर्मियों की भर्ती की जा रही थी अब उनकी छटनी की जा रही है और कहा जा रहा है दिवाली आएगी तो दोबारा से कंपनी में भर्ती की जाएगी।
कर्मियों का वेतन काटने का आरोप
कर्मियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन उनका वेतन भी काट रहा है। कुछ कर्मियों को दो से तीन महीने का वेतन भी नहीं दिया। जबकि उन्हें 12 हजार के वेतन पर रखा था और अब उन्हें सात हजार रुपये तक दे रहे हैं।
कर्मियों से जबरन लिए गए आई कार्ड
प्रबंधन पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन कर्मियों को निकाल रहा है। बाहर निकलते समय मेरा भी आई कार्ड ले लिया गया। हमारे पास यहां कार्य करने का यही सुबूत था। कंपनी हमारा वेतन न देकर मनमाना व्यवहार कर रही है।- सुरेंद्र, कर्मी
तीन महीने से नहीं दिया वेतन
कंपनी ने तीन महीने का वेतन नहीं मिला है। अब लोगों को काम से भी निकाला जा रहा है। कर्मियों की सुनने वाला कोई नहीं है।- भावेश, कर्मी
कई माह से सैलरी स्लिप भी नहीं दी
कंपनी में शुरुआत में तो सभी चीजें ठीक थीं, पर अब एक दिन भी छुट्टी पर वेतन से अधिक पैसा काट लिया जाता है। कंपनी ने कई माह से सैलरी स्लिप नहीं दी है।- प्रवीन, कर्मी