ऐसे बनाई हत्या की योजना
कृष्णपाल झोलाछाप डाक्टर है। उसका और उसकी पत्नी का नाले को लेकर विवाद हुआ था। इसकेबाद आशा और कृष्णपाल ने आदित्य की हत्या कराने के बारे में सोच लिया था। कृष्णपाल ने अपने शेरपुर गांव में रहने वाले भतीजे आकाश उर्फ गगन उर्फ सूर्या उर्फ गोलू को बुलाया और झगड़े के बारे में बताया। उसको कहा कि संजीब के लड़के की हत्या करनी है। आकाश उसकेबाद गांव चला गया। उसने गांव के दो लड़के तैयार किए। उसके बाद 27 अप्रैल को अपहरण की योजना बनाई। उससे पहले चोरी की बाइक खरीदी और उससे रात में घटना को अंजाम दिया।
नहर में डालना था शव
आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव को नहर में डालने की प्लानिंग की थी, लेकिन रात करीब नौ बजे नहर के किनारे रोड ज्यादा चलने के कारण उनकी शव फेंकने की हिम्मत नहीं हुई। उन्होंने प्लान किया कि सुबह चार बजे आकर शव को नहर में फेंक देंगे। उनकी वह प्लानिंग भी फेल हो गई। किसान ने बच्चे का शव खेत में पड़ा हुआ देख लिया। आरोपियों ने बताया कि बच्चा नशे की गोलियां खाने के बाद रास्ते में दो बार जगा भी था।
फिरौती की थी प्लानिंग
आकाश ने अपने गांव के युवक सुधांशु उर्फ जनरल, अजय उर्फ दिनेश को बताया कि एक बड़े व्यापारी का बेटा है। उसका अपहरण करेंगे तो 10 से 15 लाख रुपये मिल जाएंगे। इसके बाद तीनों ने उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद तीनों ने कहा फिरौती मांगते हैं, लेकिन डर के कारण फिरौती नहीं मांगी। उसके बाद सीधे हत्या कर दी।
आरोपी बोला, वादी ने कराई हत्या
पुलिस के सामने आरोपी आकाश बार-बार बयान बदलता रहा। एक बार तो उसने कहा कि वादी ने ही बच्चे की हत्या कराई है। पुलिस के कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने सही कहानी बताई। काफी समय तक तो वह पुलिस को उलझाता रहा। एक बार तो पुलिस को लगा कि वह सही बोल रहा होगा। बाद में सच्चाई से पर्दा उठ गया।