फरीदाबाद के लोगों को बिजली कटौती से राहत देने के लिए सरकार ने सबसे पहले अपने दफ्तरों में सौर ऊर्जा उपकरण लगवाने की पहल की है। ताकि सरकारी खर्चे में कटौती हो और वह बिजली जनता के हिस्से में आए।
सभी सरकारी दफ्तरों में सौर ऊर्जा उपकरण अनिवार्य करने का शासनादेश जारी हुआ है। संबंधित विभाग वर्ष 20015-06 के बजट में इसका प्रावधान कर सरकार से अलग से रकम मांगेंगे। सरकार ने जिला उपायुक्तों को पत्र भेजकर इस योजना को अमल में लाने को कहा है। संस्थानों में अपनी ऊर्जा जरूरतों के हिसाब से सौर ऊर्जा प्लांट लगाना होगा। माना जा रहा है कि कम से कम 1.5 और अधिकतम 10 लाख रुपये तक खर्च एक दफ्तर पर होगा।
अक्षय ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव एसएन राय की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि संस्थानों में जरूरत के हिसाब से सौर ऊर्जा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। संस्थानों को एक से लेकर 50 किलोवाट तक के संयंत्र लगाने होंगे। स्थानीय निकायों, हुडा और हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के सेक्टरों की सीमा के भीतर आने वाले 500 वर्गगज तथा इससे अधिक आकार के भूखंड पर निर्मित सभी आवासीय भवनों के लिए कम से कम 1 किलोवाट के उपकरण की जरूरत होगी।
निजी शिक्षण संस्थाओं, कॉलेजों, छात्रावासों, व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कम से कम 5, निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, मॉल, होटलों अथवा पर्यटन कांपलेक्स आदि में 10 और सिंचाई विभाग के सभी वाटर लिफ्टिंग स्टेशन पर कम से कम 50 किलोवाट के उपकरण लगाने होंगे।