फरीदाबाद के सेक्टर 23 बिजली निगम सर्कल कार्यालय में उपभोक्ताओं का कीमती रिकॉर्ड कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। इससे लगता है कि बिजली निगम अधिकारी उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड व अन्य कागजातों के रखरखाव को लेकर कतई सतर्क नहीं है। असुरक्षित रूप से कूड़े के ढेर में पड़े इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अराजकतत्व बिजली निगम या उपभोक्ताओं को हानि पहुंचा सकते हैं।
उपभोक्ताओं से जुड़े व अन्य जरूरी दस्तावेज को जलाने की बजाए बिजली निगम के कर्मचारियों ने उन्हें खुले में छोड़ दिया है। जिला फरीदाबाद के 20 लाख लोगों को सुचारू बिजली आपूर्ति देने का दावा करने वाला बिजली निगम उपभोक्ताओं एवं खुद के जरूरी दस्तावेज तक को नहीं संभाल पा रहा लगता है।
बृहस्पतिवार दोपहर संवाददाता ने सेक्टर-23 स्थित बिजली निगम सर्कल कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां जरूरी दस्तावेज कबाड़ में पड़े हुए पाए। यह कागजात जिस तरह से पड़े हुए थे, उससे कोई भी असामाजिक तत्व इन कागजात को उठाकर उनका गलत तरीके से प्रयोग कर सकता है।
खास बात यह कि इन दस्तावेजों के बारे में कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं था। नियम अनुसार 20 साल से पुराने दस्तावेज को भी जलाने के पहले प्रकिया का पालन किया जाता है। बिजली निगमकर्मी नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी तो कर ही रहे हैं साथ ही उपभोक्ताओं व निगम के साथ भी गलत कर रहे हैं। यदि इन दस्तावेज का गलत प्रयोग हुआ तो बिजली निगम खुद मुसीबत में आ सकता है।
रिकॉर्ड को बीस साल तक संरक्षित रखने का प्रावधान है, इससे पुराना रिकार्ड जलाकर नष्ट किया जाता है। मैं इन दस्तावेजों की जांच करवा लेता हूं, जांच के आधार पर कार्रवाई करूंगा।
मुकेश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
बीमारियों को भी न्यौता दे रहा बिजली निगम
बिजली निगम सर्कल ऑफिस में जहां पुराने, खराब अथवा जले हुए बिजली मीटरों को रखा गया है। वहां बारिश का पानी पहुंच कर रुकता है। जिसमें मच्छर का लार्वा पनप सकता है और डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया अथवा कोई अन्य रोग फैल सकता है। लेकिन बिजली निगम कर्मचारियों ने इस ओर घोर लापरवाही दिखाते हुए इस कबाड़ को यूं ही रख छोड़ा है।