विद्युत विभाग में बकायेदारों की आरसी खत्म करने के मामले में जांच के पहले ही दिन शुक्रवार को 80 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। इस कार्रवाई से विद्युत विभाग और उपभोक्ताओं में खलबली मची हुई है। वहीं विद्युत विभाग में ऐसा मामला भी सामने आया है कि कुछ अधिकारी-कर्मचारियों ने लाखों रुपये के बकाये की फाइलों की आरसी तो जारी नहीं की, साथ ही उन फाइलों को दबा गए। अमर उजाला ने घोटाले का खुलासा किया तो विद्युत विभाग हरकत में आया और नुकसान की मात्रा भी दो करोड़ तक पहुंच गई है।
दरअसल, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं व तहसील कर्मियों संग मिलकर 300 से अधिक आरसी खत्म करा दी। इनमें बकायेदार उपभोक्ताओं को उक्त स्थान से पलायन करना दिखाया गया है। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में इस मामले का खुलासा किया तो विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधीक्षण अभियंता ने इस मामले की जांच के निर्देश सभी अधिशासी अभियंताओं को दिए।
पहले ही दिन 80 से अधिक आरसी बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए। शुक्रवार दोपहर तक अधिकतर उपभोक्ता बिजली विभाग के आफिस में पहुंच गए। कुछ उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने कभी कनेक्शन पहले लिया ही नहीं था और कोई बकाया नहीं है। मगर जब विभाग के अधिकारियों ने उनके दस्तावेज दिखाए तो वापस चले गए।
अभी तक आरसी की राशि करीब डेढ़ करोड़ थी। मगर जांच में पहले दिन बड़ी-बड़ी राशि की ऐसी फाइलें मिली हैं, जो साल-2012 से दबी पड़ी थी। उनकी आरसी जारी ही नहीं की गई और फाइलों को दबा दिया गया था। अब सभी ऐसी फाइलों को निकलवाया जा रहा है।
- राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम