यमुना एक्सप्रेसवे पर भी बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
एडवांस सर्विसेज फॉर सोशल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स (असर) के कंट्री हेड और ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के प्रोग्राम डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा ने बताया कि उनकी कंपनी की ओर से देश में बिजली चलित वाहनों को प्रमोट करने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे सरकार ने मान लिया। इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने एक गाइडलाइन बना दी। यही नहीं उनकी ओर से दिए गए प्रस्ताव पर देश के दो हाइवे दिल्ली-आगरा के तहत यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे को बिजली चालित एक्सप्रेसवे बनाने की दिशा में काम चल रहा है। यहां दूसरी अन्य कंपनियों की ओर से चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने पर बातचीत चल रही है।
प्रदूषण की रोकथाम में होगा बेहद कारगर
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम में बिजली चालित वाहन बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के बदले में बिजली से चलने वाले ऐसे वाहन लोगों को राहत देने का काम करेंगे।
नोएडा प्राधिकरण से बातचीत चल रही है। शहर में जल्द ही चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने के लिए एमओयू साइन होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी शहर में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर देगी।- एन मोहन, हेड, इलेक्ट्रिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ईईएसएल
यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने को लेकर बातचीत चल रही है। इसके अलावा बिजली चालित वाहन कंपनियों को भी आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जल्द ही देश में बिजली चालित वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखेंगे।- अभिजीत सिन्हा, प्रोग्राम डायरेक्टर, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस और कंट्री हेड, एडवांस सर्विसेज फॉर सोशल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स