पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की फिर से गहन जांच का निर्देश दिया है। आयोग ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) व निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का फिर से सत्यापन करने को कहा है। इसमें खास तौर पर नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन के लिए इस्तेमाल किए गए फॉर्म-6, 7 और 8 की बारीकी से जांच की जाएगी।
चुनाव आयोग ने यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भेजे निर्देशों में कहा है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को दूर किया जाए। मतदाताओं से संबंधित जरूरी जानकारी दो दिन के भीतर पूरी तरह अपडेट करने को कहा गया है। आयोग ने पीलीभीत की चारों विस सीटों की मतदाता सूचियों की स्क्रूटनी कराने का निर्देश दिया है।
पांच चुनावी राज्यों में 2.29 करोड़ वोटर हुए कम
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले हुए एसआईआर में वोटरों में 12.2% की कमी आई है। इनमें 90% हिस्सा अकेले यूपी का है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, गोवा व मणिपुर में अगले साल चुनाव होने हैं। यहां कुल वोटर 18.71 करोड़ से घटकर 16.43 करोड़ रह गए हैं। यानी करीब 2.29 करोड़ वोटर कम हो गए। इनमें यूपी में सर्वाधिक 2.04 करोड़ वोटर घटे, जो करीब 13.24 फीसदी है।
सर्वाधिक वोटरों वाले यूपी में एसआईआर से पहले वोटरों की संख्या 15.44 करोड़ थी। मसौदा मतदाता सूची में घटकर 12.56 करोड़ रह गई। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची में संख्या बढ़कर 13.40 करोड़ हो गई। मसौदा सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे। इनमें से 84 लाख (करीब 29%) नाम अंतिम सूची में फिर शामिल किए गए।
पंजाब में 14 लाख और उत्तराखंड में 8 लाख वोटर घटे
पंजाब : वोटर 2.15 करोड़ से घटकर 2.01 करोड़ रह गए। कुल 14 लाख वोटर घटे। मसौदा सूची से हटे 21 लाख में से 7 लाख नाम फिर शामिल किए गए।
उत्तराखंड : वोटर 80 लाख से घटकर 72 लाख हुए। यानी 8 लाख कम हुए। वहीं, मणिपुर और गोवा में एसआईआर के बार 1.3-1.3 लाख वोटर घट गए।