दिल्ली में विशेष मतदान केंद्रों पर शादी समारोह जैसा माहौल रहा। इन मतदान केंद्रों के गेट को गोल व गुंबद आकार में रंग बिरंगे गुब्बारों और गेंदे के फूलों से सजाया गया था। यहां मतदाताओं का स्वागत रेड कारपेट पर किया गया। पूर्वी दिल्ली में वेस्ट विनोद नगर के आरएसकेवी स्कूल परिसर में तैयार गुलाबी बूथ भव्य नजर आया। स्कूल परिसर में बना स्थायी शेड मतदाताओं को धूप से बचाने में बेहद मददगार साबित हुआ।
दिल्ली में 70 पिंक, 70 मॉडल और 7 दिव्यांग फ्रेंडली बूथ बनाए गए थे। इन बूथ पर पीने के पानी के लिए वाटर कूलर और मटके रखे गए थे। बैठने के लिए सोफे, बेंच और कुर्सियों का भी इंतजाम किया गया था। महिलाएं और खासकर बुजुर्गों ने यहां पर कुछ देर बैठकर थकान मिटाई। दो से तीन जगह पर सेल्फी प्वाइंट्स बनाए गए थे।
महिलाओं को पसंद आए पिंक बूथ
आदर्श नगर स्थित जीबी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मॉडल टाउन बॉइज-गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल रूप नगर, एमसी प्राइमरी स्कूल यमुना विहार, आरएसबीवी वेस्ट विनोद नगर, राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय प्रेसीडेंट स्टेट नई दिल्ली, केंद्रीय विद्यालय पीतमपुरा, गवर्नमेंट को-एड सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारका सेक्टर-2 जैसे 70 स्कूलों में पिंक मतदान केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों पर मतदान के लिए चार डेस्क थीं। एक डेस्क पर केवल महिला अधिकारियों ने चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाई। महिला अधिकारियों ने पूरी तरह से पिंक कपड़े पहन रखे थे। यहां केवल महिलाएं और लड़कियों ने वोट डाला।
एक-दो जगह मामूली कहासुनी को छोड़कर कहीं भी हिंसा नहीं
सातों सीटों पर शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुआ। एक-दो जगह मामूली कहासुनी को छोड़कर कहीं से भी किसी हिंसा की कोई खबर नहीं मिली। हालांकि, जगहों पर मतदान धीमा होने से लोग नाराज जरूर दिखे। कुछ ने पीसीआर कॉल कर नाराजगी भी जताई पुलिस कंट्रोल रूम को शाम छह बजे तक 170 कॉल्स प्राप्त हुई थीं जिनमें ज्यादातर का निपटरा कर दिया गया।
शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने दिनभर कमान संभाले रखी। पूरे दिन वह किसी न किसी इलाके के मतदान केंद्र पर पहुंचे और जायजा लिया। उनके साथ स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 रवींद्र यादव के अलावा कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सीपी ने न सिर्फ लोगों से बातचीत की, बल्कि अपने स्टाफ को मुस्तैद रहने की हिदायत दी। चुनावों को देखते हुए पूरी दिल्ली पुलिस फोर्स, अर्द्धसैनिक बलों के अलावा कई राज्यों के 62 हजार जवानों को सुरक्षा के लिए लगाया गया था। ड्रोन से निगरानी करने के साथ पुलिस ने मतदान केंद्रों के पास भी बैरिकेडिंग की। पुलिस ने वाहनों के साथ मतदाताओं को मतदान केंद्रों के पास नहीं जाने दिया।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी सातों सीटों पर कुल 162 प्रत्याशी मैदान में हैं। करीब 1.52 करोड़ मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग की ओर से दिल्ली में 2627 मतदान केंद्र बनाए गए थे। आयोग के आदेश पर यहां शांतिपूर्वक मतदान कराने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की थी।
इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस के 80 हजार जवानों के अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बलों के 62 हजार जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया था। इनमें सीआरपीएफ के अलावा, एसएसबी, मेघालय आर्म्स फोर्स, मध्य प्रदेश, मिजोरम, बंगाल और नंगालैंड आर्म्स फोर्स के जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। खासकर अति संवेदनशील एरिया इनमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वा दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण पूर्व, बाहरी दिल्ली के अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के खास इंतजाम रहे।
पॉश इलाकों में कम, गांव-देहात और कॉलोनियों में दिखा उत्साह
चुनाव को लोकतंत्र का पर्व यूं ही नहीं कहा जाता है। भीषण गर्मी के बीच भी मतदाताओं का उत्साह कमाल का रहा। गांव-देहात, जेजे क्लस्टर व कॉलोनियों के मतदान केंद्रों पर सुबह से लेकर शाम तक मतदाता उमड़े रहे। मुस्लिम इलाकों में भी सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। दोपहर में भी लोग मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान किया। पहली बार मत देने वाले युवाओं व बुजुर्गों में अधिक उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने भी अपने मत का जमकर इस्तेमाल किया। दूसरी तरफ पॉश इलाकों में मतदान को लेकर उदासीनता नजर आई।
ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, हौज खास, आनंद निकेतन, सीआर पार्क, खान मार्केट, डिफेंस कॉलोनी, फ्रेंडस कॉलोनी व साउथ एक्स जैसे पॉश इलाकों में लोग मत करने के लिए कम बाहर निकले। यहां के अधिकतर मत केंद्रों के बाहर सन्नाटा रहा। मतदान केंद्रों में एक से दो लोग ही मत देने के लिए आते दिखे। फ्रेंडस कॉलोनी में बने मतदान केंद्रों में मतदाताओं की संख्या न के बराबर दिखी। कॉलोनियों में मतदान केंद्रों पर सुबह-शाम मतदाताओं की भारी भीड़ दिखी। करोल बाग, पटेल नगर, सरोजनी नगर, मालवीय नगर, शाहपुर जट, बदरपुर, लक्ष्मी नगर, द्वारका, नारायाणा, आईपी एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज-1, समाचार अपार्टमेंट, वसुंधरा एनक्लेव, विवेक विहार में देर शाम तक वोटिंग का दौर चलता रहा। लोग कतारों में बारी का इंतजार करते नजर आए। आलम यह था कि प्रशासन को अधिक भीड़ देखकर दो से तीन लाइन लगानी पड़ी।
गांव-देहात में सुबह से ही दिखा उत्साह
गांव-देहात के इलाकों में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। महिलाएं चूल्हा-चौका छोड़कर सबसे पहले वोट देने पहुंचीं। इसके बाद ही उन्होंने घर का काम संभाला। मतदान करने के बाद लोग दिनभर हुक्का सुलगाते व खेतों में काम करते दिखे। गांवों में बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था। सुबह सात बजे से ही बुजुर्ग मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। उन्होंने पहले मतदान और फिर जल-पान का निर्णय लिया।
- इसी तरह युवाओं में भी मतदान को लेकर जोश देखने को मिला। दिचाऊं, कैर गांव,दरियापुर, लगरपुर, होलंबी कला, बाक्करगढ़ बॉर्डर, खेड़ा खुर्द, औचंदी बॉर्डर, बवाना, नरेला गांव में बुजुर्ग मतदाता वोटिंग की लाइनों में दिखाई दिए। दिचाऊं गांव में रहने वाले अंकित टोकस ने बताया कि वह मुंबई में रहते हैं, इस बार उन्होंने सुरक्षा को लेकर मत किया है।
- पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार मत केंद्रों में सुबह कम लोग मतदान करने पहुंचे। यहां के लोगों ने कहा कि उन्होंने विकास कार्यों को लेकर मत किया है। प्रीत विहार में रहने वाले दीपक मिश्रा ने बताया कि वह कोलकाता से मतदान करने आए दिल्ली आए हैं। देश आगे बढ़े यही सोचकर वोट दिया है।