आम आदमी पार्टी से अलग होकर स्वराज इंडिया नामक अलग पार्टी बनाने वाले योगेंद्र यादव को हाईकोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने एमसीडी चुनावों में उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को कॉमन चुनाव चिन्ह प्रदान करने के लिए दायर याचिका खारिज कर दी। यानि अब स्वराज इंडिया के प्रत्याशी बतौर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
न्यायमूर्ति हीमा कोहली ने अपने फैसले में कहा कि वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में प्रत्याशियों की फोटो लगाई जाएगी। ऐसे में यदि पार्टी को कॉमन चुनाव चिन्ह नहीं मिलता तो उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
अदालत ने कहा यह याचिका चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद दायर की गई है और काफी देर हो चुकी है। ऐसे में उनका मानना है कि चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
अदालत ने हाल ही में राज्य चुनाव आयोग से पूछा था कि क्या स्वराज इंडिया पार्टी को एक समान चुनाव चिन्ह दिया जा सकता है या नहीं।