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चुनावी हलचल : रोड शो में केजरीवाल का दावा- चार जून को आ रही गठबंधन सरकार, ‘सत्ता का संग्राम’ आज दिल्ली में

Thu, 16 May 2024 03:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इस दौरान उन्होंने कहा कि चार जून को मोदी सरकार जा रही है और गठबंधन की सरकार आ रही है। लिहाजा, जो केजरीवाल से प्यार करते हैं, वे मोदी को इंकार करें।
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सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को गठबंधन के तहत कांग्रेस के उम्मीदवार जयप्रकाश अग्रवाल के समर्थन में मॉडल टाउन व उदित राज के समर्थन में जहांगीरपुरी में रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चार जून को मोदी सरकार जा रही है और गठबंधन की सरकार आ रही है। लिहाजा, जो केजरीवाल से प्यार करते हैं, वे मोदी को इंकार करें। दिल्ली सरकार ने बच्चों के लिए शानदार स्कूल और सभी के इलाज के लिए मोहल्ला क्लीनिक बनाए व 24 घंटे बिजली फ्री कर दी।

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केजरीवाल ने कहा कि उन्हें जेल में तोड़ने की खूब कोशिश हुई, लेकिन मुझ पर बजरंगबली की कृपा है। केजरीवाल अत्याचार के सामने टूटा नहीं। अब ये लोग कह रहे है कि केजरीवाल को दोबारा जेल जाना पड़ेगा। अब यह जनता के हाथ में है।

चुनाव के दौरान अगर दिल्ली की जनता ने कमल का बटन दबा दिया तो उन्हें फिर जेल जाना पड़ेगा, लेकिन गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दिया तो उनको जेल नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने आप समर्थकों को समझाया कि इस चुनाव में कांग्रेस को वोट देना है, क्योंकि समझौते के तहत इन सीटों पर आप का उम्मीदवार नहीं है। भाजपा वाले दिल्ली के सारे काम बंद करना चाहते हैं, लेकिन 4 जून को मोदी सरकार नहीं बन रही है। ये कोई जुमला नहीं है।
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उन्होंने देशभर में कई लोगों से बात की है। कर्नाटक, बिहार, यूपी में फोन किए। इनकी राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब में सीटें कम हो रही हैं। दिल्ली में तो सूपड़ा साफ हो रहा है। हम देश को तरक्की की तरफ लेकर जाएंगे और ये तानाशाही खत्म करेंगे। ये लोग संविधान बदलना चाहते हैं।

विकास के लिए केजरीवाल के पास न विजन, न कोई मिशन : शिवराज
चांदनी चौक के नेशनल क्लब में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केजरीवाल को घेरा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के सपनों का सौदा किया है। अपने स्वार्थ के लिए लोगों के विश्वास को तोड़ा है। उनके पास विकास के लिए न तो कोई विजन है और न ही कोई मिशन है। वे भ्रष्टाचार के सबसे बड़े उदाहरण हैं। गुरु अन्ना हजारे को ही सबसे पहले किनारे कर दिया। 

उन्होंने कहा कि भगवान राम हमारे आराध्य, प्राण व हमारी पहचान हैं। रामलला का मंदिर बनाने में 500 साल लग गए। अयोध्या में मंदिर बना तो पूरा देश उत्सव में था, लेकिन एक पार्टी थी जो रो रही थी। निमंत्रण उन्हें भी दिया गया था। अंसारी बंधु को निमंत्रण मिला तो वह तो आए, लेकिन कांग्रेस की बुद्धि में मंथरा बैठी हुई थी। गठबंधन ने प्रधानमंत्री मोदी की लहर में बेईमानी वाला गठबंधन बनाया है। गठबंधन वाले सपने दिखा रहे हैं कि दो करोड़ नौकरियां देंगे। इन पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है। 

वहीं, शिवराज ने मलकागंज में उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रत्याशी के पक्ष में आयोजित जनसभा में कहा कि दिल्ली के भ्रष्टाचारी आम आदमी पार्टी को सबक सिखाना है। इधर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पश्चिमी दिल्ली में भाजपा प्रत्याशी कमलजीत सहरावत के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव अंतिम रूप ले रहा है वैसे-वैसे गठबंधन का अहंकार टूटता जा रहा है, क्योंकि मोदी सरकार को फिर से जनसमर्थन मिल रहा है। 

सीएम को करना पड़ा विरोध का सामना
मुख्यमंत्री केजरीवाल को लालबाग में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। झंडेवाला चौक, लालबाग में कई लोगों ने तख्तियां दिखाकर केजरीवाल के खिलाफ विरोध दर्ज किया। लोगों ने भ्रष्टाचार के नारे भी लगाए। इससे लोगों का अभिवादन कर रहे मुख्यमंत्री को वापस वाहन में बैठना पड़ा। भाजपा ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया। इसमें कहा गया है कि जनता के प्रदर्शन के डर से मुख्यमंत्री केजरीवाल रैली को बीच में ही छोड़कर चले गए। 

आप ने सिग्नेचर कैंपेन चलाया
आप ने बुधवार को ‘जेल का जवाब वोट से’ कैंपेन के तहत तिलक नगर में सिग्नेचर कैंपेन आयोजित किया। इसमें पश्चिमी दिल्ली से गठबंधन के प्रत्याशी समेत कई लोग शामिल हुए। यहां लगे बोर्ड पर लोगों ने हस्ताक्षर किए। गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की गारंटी जुमला बन गई है। हमारा नारा है, काम किया है काम करेंगे जन-जन का सम्मान करेंगे। 

कांग्रेस में फिर लगी सेंध, कई नेता भाजपा में शामिल
पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल की उपस्थिति में एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन व कांग्रेस नेता जयकिशन शर्मा, पूर्व पार्षद सुरेंद्र शर्मा, पूर्वी दिल्ली लोकसभा ऑब्जर्वर जयकरण चौधरी समेत कई पूर्व पार्षद व नेता भाजपा में शामिल हो गए। 

अरविंद सिंह लवली, राजकुमार चौहान और नसीब सिंह ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है। पिछले दिनों ही इन नेताओं ने कहा था कि जल्द ही कांग्रेस के कई सदस्य भाजपा में शामिल होंगे। इस मौके पर रमेश पोखरियाल ने कहा कि भाजपा लगातार आगे बढ़ रही है। दिल्ली में सातों सीटें भाजपा जीतेगी। यह चुनाव आम चुनाव नहीं है क्योंकि आपके एक वोट ने श्रीराम मंदिर का निर्माण करवाया। धारा 370 भी हटाई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि 10 सालों में देश की एक नई तस्वीर सामने आई है और विश्व ने नए हिन्दुस्तान को देखा है। 

कांग्रेस ने उठाया कानून व्यवस्था का मुद्दा 
प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली में हो रही आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। बुधवार को प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कैंपेन स्ट्रेटेजी कमेटी के चेयरमैन व पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ ने कहा कि 10 वर्षों में भाजपा की सरकार देश सहित राजधानी दिल्ली की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। दिल्ली के बिगड़ते माहौल में आज हर आदमी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। 

राजधानी में महिलाओं, बुजुर्ग, बच्चे, लड़कियों के साथ हो रहे आपराधिक मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस कारण दिल्ली क्राइम व रेप कैपिटल बन गई है। कांग्रेस के न्याय संकल्प पत्र में महिला न्याय के अधिकार मैत्री गांरटी के अंतर्गत महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी। बढ़ते अपराधों पर दिल्ली पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। पुलिस वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में अधिक व्यस्त होती है। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस में 13500 पद रिक्त पड़े हैं। 

‘सत्ता का संग्राम’ आज नई दिल्ली में
केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली के 11 जिलों में से एक है-नई दिल्ली। 2019 में यहां से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी लेखी ने जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर बांसुरी स्वराज पर भरोसा जताया है। वहीं, आप और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में सोमनाथ भारती मैदान में हैं। नई दिल्ली के मतदाता और खासकर युवा सरकार और अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के बारे में क्या सोचते हैं, उनके क्या मुद्दे और आकांक्षाएं हैं, मतदाताओं के मुद्दों पर नेताओं का क्या कहना है, वे किन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ 16 मई को नई दिल्ली में रहेगा।

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