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फिर भड़का स्मृति डिग्री विवाद: चुनाव आयोग ने कहा, नहीं मिल रहा ईरानी का शिक्षा संबंधी रिकार्ड

Sun, 16 Oct 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्मृति ईरानी - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी से जुड़े मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के समर्थन में भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत चुनाव आयोग ने पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह के समक्ष इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के समर्थन में भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत धारा 65बी के तहत सत्यापन प्रमाणपत्र पेश कर दिया।
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कोर्ट ने इसके बाद कपड़ा मंत्री को समन जारी करने के मुद्दे पर फैसला 18 अक्तूबर तक सुरक्षित रख लिया। अदालत ने स्मृति ईरानी के 2004 के हलफनामे की पुष्टि के लिए सत्यापन प्रमाणपत्र पेश करने का निर्देश छह अक्तूबर को चुनाव आयोग को दिया था।

दरअसल, अदालती आदेश पर चुनाव आयोग ने 2004 लोकसभा चुनाव में दाखिल स्मृति ईरानी के मूल हलफनामे की बजाय आयोग की वेब साइट पर उपलब्ध हलफनामे की फोटो कॉपी पेश की थी।
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वेब साइट पर उपलब्ध प्रमाणपत्र की फोटो कॉपी पेश की

निर्वाचन आयोग - फोटो : PTI
आयोग का कहना था कि मूल हलफनामा गुम हो गया है। इसलिए वेब साइट पर उपलब्ध प्रमाणपत्र की फोटो कॉपी पेश की जा रही है। 

अदालत ने इससे पहले शिकायतकर्ता स्वतंत्र लेखक अहमर खान की दलीलें सुनने व चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश केस प्रॉपर्टी पर विचार करने के बाद एक अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
 
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नहीं मिल रहा शिक्षा संबंधी रिकार्ड : चुनाव आयोग

भारतीय निर्वाचन आयोग
अदालती निर्देश के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा था कि 1996 में ईरानी का बीए कोर्स से संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। ईरानी ने 1996 में बीए करने की जानकारी 2004 लोकसभा चुनाव के हलफनामे में दी थी।

अदालत ने ईरानी की चुनाव आयोग व दिल्ली विश्वविद्यालय का रिकॉर्ड मंगाने के लिए शिकायतकर्ता की अर्जी 20 नवंबर 2015 को स्वीकार कर ली थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह इस रिकॉर्ड को कोर्ट में पेश करने में असमर्थ है। 
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