मौत के चार दिन बाद मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी उसके परिजनों की न जांच हुई है और न ही उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। रविवार को दिल्ली पुलिस की ओर से फोन पर पीड़ित परिजनों को सूचना दी गई कि उनकी मां कोरोना संक्रमित थीं। मृतक महिला के घर में फिलहाल 6 बच्चों सहित 10 लोग रहते हैं। संक्रमण को लेकर सभी दहशत में हैं।
लोकनायक अस्पताल में 6 मई की सुबह 10 बजे 70 वर्षीय वृद्घा ने दम तोड़ दिया था। मौत से कुछ ही देर पहले उनका सैंपल जांच के लिए भेजा था। हालांकि, कोविड प्रबंधन के तहत परिजनों को शव उसी दिन सौंप दिया गया था, जिसके बाद जदीद कब्रिस्तान अल इस्लाम में दफना दिया गया। शव सौंपते वक्त परिजनों को इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई।
मृत्यु प्रमाण पत्र पर केवल सैंपल भेजे जाने की जानकारी लिख दी, जिसे परिजन ठीक से पढ़ भी नहीं पा रहे थे। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक महिला के दो बेटों के अलावा उनके भाई भी मौजूद थे। इस दौरान जब ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने पीड़ितों से अहम सवाल (परिवार आइसोलेशन में है? संपर्क के लिए कोई नंबर दिया है क्या? कोविड जांच कब होगी?) पूछे तो उन्हें इस बाबत कोई जानकारी ही नहीं थी।
चार दिन तक परिजनों को यह नहीं पता चला कि उनकी मां कोरोना संक्रमित थी या नहीं? रविवार को दिल्ली पुलिस की ओर से फोन पर बताया गया कि मृतक कोरोना पॉजिटिव थी। एक-दो दिन में परिजनों के सैंपल लिए जाएंगे। हालांकि, इस संबंध में लोकनायक अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक से संपर्क करने के बाद भी जानकारी नहीं मिल पाई।
मौत सुनते ही काट दी काल
मृतका के भाई ने बताया कि चार दिन में तीन फोन आए हैं, जिनमें से एक सीएम ऑफिस का हवाला देकर पूछ रहा था कि मरीज कैसा है? दूसरी कॉल खूजरी इलाके में ही एक डिस्पेंसरी से आई थी। दोनों ही फोन उस वक्त कट गए जब बताया गया कि मरीज की मौत हो चुकी है। इसके बाद पीड़ितों ने तमाम प्रयास किए, लेकिन दोनों नंबरों पर संपर्क नहीं हो पाया।
लोकनायक अस्पताल में 56वीं मौत
5 मई की रात खजूरी खास निवासी यह वृद्घा लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। 6 मई की सुबह मौत हो गई। जांच रिपोर्ट अब कोरोना संक्रमित आई है। 8 मई की सुबह 9 बजे तक अस्पताल में कोरोना संक्रमण से 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इसके बाद से अब तक और कितनी मौतें हुई हैं? इसे लेकर अस्पताल ने जानकारी नहीं दी है।