आरटीओ आफिस में महिलाओं और बुजुर्गों को डीएल बनवाने में अब दलालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। आरटीओ आफिस में एक हेल्फ डेस्क बनाई जा रही है।
यहां पर इनको फार्म भरने में सहायता की जाएगी और फिर डीएल बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। डीएल बनवाने में दो सौ रुपये लगते हैं, जबकि दलाल इसके बदले में पांच-पांच हजार रुपये वसूलते हैं।
आरटीओ आफिस में सबसे कठिन काम डीएल बनवाना है। आफिस में फार्म मिलने और इसको भरकर जमा करने के लिए कोई नियम ही नहीं है। परेशान लोग अपने स्तर से डीएल बनवा ही नहीं सकते हैं।
इसके लिए उनको दलालों की मदद लेनी होती है। दलाल डीएल बनवाने के पांच-पांच हजार रुपये वसूलते हैं, जबकि इसके लिए मात्र दो सौ रुपये जमा होते हैं। इसी तरह लर्निंग के लिए साठ रुपये लगते हैं, इसके लिए दलाल तीन हजार रुपये वसूलते हैं।
आरआई सुहैल अहमद ने बताया कि आफिस में एक हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। आवेदन फार्म मिलने वाले काउंटर के पास ही एक लिपिक को बैठाया जाएगा। वह बुजुर्गों और महिलाओं को आवेदन फार्म भरने और इसको लेकर फिर काउंटर संख्या के आधार पर डीएल बनवाने की पूरी जानकारी देगा।
इससे डीएल बनवाने के लिए इनको यहां से वहां भटकने की जरूरत नहीं होगी। नई प्रक्रिया को 15 फरवरी के आसपास शुरू करने की तैयारी है।
इससे पहले आरटीओ आवेदन फार्म के साथ ही एक पर्चा देने के आदेश दे चुके हैं। इस पर डीएल बनवाने की पूरी प्रक्रिया लिखी होगी। जिसको पढ़कर आवेदक संबंधित काउंटर पर ही पहुंचेगा उसको परेशान नहीं होना पड़ेगा।
30 मिनट में पूरी होंगी डीएल की औपचारिकताएं
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में अब परेशानी नहीं होगी। आरटीओ ऑफिस में आवेदकों की काउंटर की औपचारिकताएं अधिकतम 30 मिनट में पूरी हो जाएंगी।
अभी तक आवेदक घंटों तक लंबी लाइनों में लगकर और धक्का-मुक्की के बीच काउंटर तक पहुंचा जा सकता था। आरटीओ का डीएल सेक्शन अगले सप्ताह नए भवन में चला जाएगा। इसकेबाद एक काउंटर पर अधिकतम 10 मिनट में सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी।