कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के अलावा दिल्ली पुलिस इंसानियत का धर्म भी निभा रही है। पश्चिम दिल्ली के हरि नगर इलाके में कैंसर पीड़ित एक बुजुर्ग ने तबीयत खराब होने पर बीट स्टाफ से मदद मांगी।
बीट के दो हवलदारों ने बिल्कुल एक बेटे की तरह बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया और उनकी भतीजी को इसकी सूचना दी। इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने अंतिम संस्कार में भी मदद की। बुजुर्ग की भतीजी पुलिसकर्मियों की सेवा देखकर उनका धन्यवाद करते नहीं थक रही है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि कैंसर पीड़ित बुजुर्ग डॉ. श्याम मुरारी कपूर अकेले ही आनंद विहार, हरि नगर में रहते थे। इनके दो बेटे हैं। एक हैदराबाद तो दूसरा लंदन में रहता है। लॉकडाउन की वजह से दोनों यहां नहीं आ पाए।
इस बीच 19 अप्रैल को डॉ. श्याम को खांसी और बुखार हो गया। अकेले होने की वजह से डॉ. श्याम ने बीट स्टाफ रमेश और जितेंद्र से मदद मांगी। कोविड-19 के लक्षण होने की वजह से दोनों ने सावधानी से बुजुर्ग को डीडीयू अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इस बीच पता चला कि डॉ. श्याम की भतीजी डॉ. मुक्ता कपूर सफदरजंग एंक्लेव इलाके में रहती हैं। बीट स्टाफ ने उनको सूचना दी। इस बीच डॉ. श्याम की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आई। भतीजी ने पुलिस कर्मियों की मदद से डॉ. श्याम को गंगाराम अस्पताल में भर्ती करा दिया।
जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। जितेंद्र व रमेश ने बुजुर्ग के शव का डीडीयू अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद भतीजी के साथ मिलकर अंतिम संस्कार भी करवाया।