नोएडा सेक्टर 55 में एक वृद्धाश्रम में बदहाल बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
घर से परिजनों ने निकाला और सुकून की तलाश में वृद्धाआश्रम पहुंचे बुजुर्गों को यहां भी आराम नहीं मिला। एक वायरल वीडियो देखकर जब राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला पुलिस के साथ आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम पहंची तो वहां बुजुर्गों को अमानवीय हालात में रखा गया था।
वृद्धा के हाथ बांधे गए थे तो कई बुजुर्गों के कमरों के बाहर ताला लटका था। सेक्टर-55 स्थित इस आश्रम को जनकल्याण ट्रस्ट संचालित करता है। उन्होंने आश्रम सील कर सभी 39 बुजुर्गों को दूसरे वृद्धाश्रम में भेजने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को आश्रम के निरीक्षण के बाद जारी प्रेस नोट में मीनाक्षी भराला ने बताया कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर आश्रम के अंदर के वीडियो और फोटो वायरल हुए थे। वीडियो में एक महिला के हाथ बंधे दिख रहे थे।
वीडियो वायरल करने वाले का दावा था कि आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम में अधिकतर बुजुर्ग अमानवीय हालात में रहने को मजबूर हैं। वीडियो का संज्ञान लेते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को मीनाक्षी भराला औचक निरीक्षण करने नोएडा पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि आश्रम के संचालक मौके पर दस्तावेज नहीं दिखा सके। पता चला कि यह वृद्ध आश्रम वर्ष 1994 से संचालित है। मीनाक्षी भराला ने आश्रम को अपंजीकृत करार दिया। हालांकि बाद में समाज कल्याण अधिकारी की ओर से की गई प्राथमिक जांच में आश्रम के पंजीकृत होने की बात सामने आई है।
नहीं मिला स्टाफ, मल-मूत्र से सने मिले कपड़े
बुजुर्गों की देखभाल के लिए स्टाफ नहीं रखा गया था। कई बुजुर्गों के कपड़े मल-मूत्र से सने मिले। खुद को नर्स बता रही महिला से सख्ती से पूछा गया तो उसने योग्यता 12वीं पास बताई।
मीनाक्षी भराला ने कहा कि आश्रम में नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि यूपी महिला एवं बाल विकास विभाग नियंत्रण बोर्ड से आश्रम पंजीकृत मिला है। इसका पंजीकरण एक नवंबर 2023 को कराया गया है।