जीटीबी एंक्लेव इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। संपत्ति पर कब्जा करने के लिए 45 वर्षीय बेटी ने पति के साथ मिलकर अपनी मां की पिटाई की और उसे घर से निकालकर ताला लगा दिया।
आरोप है कि 80 हजार रुपये पेंशन के लालच में बेटी पिता को भी अपने साथ रोहिणी ले गई। 75 वर्षीय वृद्धा ने बेटी के खिलाफ जीटीबी एंक्लेव थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने बंधक बनाकर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी बेटी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मीरा सरकार (75) परिवार के साथ दिलशाद गार्डन के आर-ब्लॉक में रहती हैं। परिवार में पति सुबोध चंद्र (85) के अलावा एक बेटा मृनाल सरकार (42) और बेटी शिल्पी (45) है।
सुबोध सरकारी पद पर सेवानिवृत्त हैं और उनकी 80 हजार रुपये महीना पेंशन आती है। बेटा मृनाल अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। बेटे के विदेश में रहने के कारण मीरा व उनके पति सुबोध तीन साल से रोहिणी में अपनी बेटी शिल्पी के साथ रहती थी।
मीरा का आरोप है, बेटी चाहती थी कि असम में उनकी पैतृक जमीन व दिलशाद गार्डन वाला मकान उसके नाम किया जाए, लेकिन बेटे का हिस्सा होने की बात कर मीरा हमेशा उससे मना कर देती थी। इस पर शिल्पी मां के साथ मारपीट करती थी। बुधवार को नाराज होकर मीरा और सुबोध बेटी के घर से दिलशाद गार्डन अपने घर वापस आ गए।
बृहस्पतिवार दोपहर शिल्पी अपने पति देबोज्योति देवनाथ के साथ दिलशाद गार्डन पहुंची। मीरा ने दरवाजा नहीं खोला तो उन्होंने कुंडी तोड़ दी और वृद्घा को बुरी तरह पीटा। बाद में वह पिता सुबोध को जबरन अपने साथ ले गई।
मां को घर से बाहर निकालकर उसने दरवाजे पर अपना ताला डाल दिया है। पीड़िता अपने बेटे के दोस्त के साथ थाने पहुंची और बेटी व दामाद के खिलाफ शिकायत दी।