बुजुर्ग महिला से अस्पताल में पहुंची स्वाति मालीवाल
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दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक भाई मानवता की सारी हदें तोड़कर अपनी बुजुर्ग बहन को दो साल तक घर की छत पर कैद में रखा। आलम यह था कि पीड़िता को चार दिन में रोटी दी जाती थी। इस कारण वह हड्डियों का ढांचा मात्र रह गई है।
छत पर महिला मल के बीच रखा गया था। दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस की मदद से उस महिला को आजाद कराया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि पीड़िता की दिमागी हालत ठीक नहीं है।
दिल्ली महिला आयोग को 181 महिला हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि एक महिला को घर में कैद कर रखा गया है। आयोग की टीम जब पहुंची तो घर में मौजूद भाई की पत्नी ने गेट खोलने से मना कर दिया। इतना ही टीम को गालियां भी दी गई।
इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस साथ के महिला आयोग की टीम फिर घर पर पहुंची तो गेट खोलने से मना कर दिया गया। इसके बाद पुलिस टीम को लेकर पड़ोसी की छत से पीड़िता के पास पहुंची। छत पर महिला की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया।