दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को सत्तापक्ष ने सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार पर जमकर हमला किया। परिवहन मंत्री गोपाल राय और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सरकारी खजाने के लिए भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा दुश्मन बताया। परिवहन मंत्री ने सदन में कहा कि सरकारी खजाने का 80-90 फीसदी पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि जनता ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। पूर्ण स्वराज के लिए काम करना है। भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए लोकपाल कानून लाकर बजट का 80 फीसदी पैसा बचाना है। यह लड़ाई चार साल से चल रही है। अब उसे पूरा करना है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछली सरकार में 49 दिन और नई सरकार में 10 दिन पर काम करने के अलावा पत्रकार के तौर पर भी सिस्टम को समझने का मौका मिला है। सरकार में पैसे या टैलेंट की कमी नहीं है। सिर्फ नीयत की कमी है। जनता ने भरोसे से भेजा है। भ्रष्टाचार रुकेगा तो पैसे की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्जी और भ्रष्टाचार रोककर पैसे आएंगे।
जहां सड़क-सीवर नहीं है, वहां म्यूजिकल फाउंटेन बनाकर पैसे की बर्बादी हो रही है। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार बनते ही 40-50 फीसदी भ्रष्टाचार में कमी आई है। भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन से उसे पूरा खत्म करना है। दूसरी तरफ, भाजपा विधायक जगदीश प्रधान ने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई में विपक्ष के विधायक सरकार के साथ हैं।
केजरीवाल बोले कि हमें जनता ने इसलिए भारी बहुमत दिया क्योंकि उन्हें सिर्फ भाषण नहीं काम चाहिए। मई में देश ने भाजपा को बहुमत दिया, अब दिल्ली में साफ हो गए। इसलिए आने वाले समय में बातें कम, काम खूब करना है। अहंकार नहीं करना। भाषण से हम एक, दो, तीन बार लुभा सकते हैं, लेकिन जनता कहती है भाषण से पेट तो नहीं नहीं चलता।