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चार साल में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान 88 लोगों की हुई मौत

Fri, 08 Feb 2019 04:22 AM IST
राजेश सैनी परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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doctors - फोटो : pexels.com
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चिकित्सीय क्षेत्र में अक्सर विवादों में रहने वाले क्लीनिकल ट्रायल (नैदानिक परीक्षण) को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। देशभर में पिछले चार साल में हुए ट्रायल के दौरान 1443 लोगों की मौत हुई है, जबकि इनमें से 88 लोग सीधे तौर पर क्लीनिकल ट्रायल के शिकार हुए हैं। वर्ष 2016 से 2018 के बीच क्लीनिकल ट्रायल के चलते 70 लोगों ने दम तोड़ा, जिनमें से सिर्फ 44 मृतकों के परिवारों तक मुआवजा पहुंचा है। साल 2018 में हुईं 13 मौतों में से सिर्फ एक ही परिवार को 4,87,250 रुपये का मुआवजा मिला है।
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देशभर में क्लीनिकल ट्रायल को लेकर राज्यों की स्थिति, मौत और मुआवजे को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में भी इन आंकड़ों को पेश किया गया है। इसके अनुसार, वर्ष 2015 से 2018 के बीच ट्रायल की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2015 में 859, 2016 में 873, 2017 में 2516 और नवंबर 2018 तक 3869 ट्रायल दर्ज किए गए हैं।

राज्यवार स्थिति देखें तो साल 2018 में कर्नाटक को सर्वाधिक क्लीनिकल ट्रायल 1037 के लिए मंजूरी मिली है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में क्लीनिकल ट्रायल की तीन गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2015 और 2016 में 225-225, 2017 में 627 और 2018 में 673 ट्रायल क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया के तहत दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक के बाद महाराष्ट्र 802 और दिल्ली 673 ट्रायल के साथ क्रमश : दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।
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ट्रायल के दौरान अन्य वजहों से भी मौत
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चिकित्सीय क्षेत्र में ट्रायल अति आवश्यक है। हालांकि इसके जरिये होने वाली मौत दुर्भाग्य है। ट्रायल के दौरान मौत के अन्य कारण जानलेवा बीमारी कैंसर, हार्ट अटैक, दवा के दुष्प्रभाव इत्यादि हो सकते हैं, इसलिए सरकार ने इन्हें सीरियस एडवर्स इवेंट (एसएई) के तहत रखा है। मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण को कई ट्रायल को लेकर शिकायतें भी मिली हैं, जिनकी जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। चूंकि इस क्षेत्र में उल्लंघन सीधे तौर पर मानव जीवन से जुड़ा है, इसलिए नैतिक समिति प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रख रही है।
      
ये है चार साल की स्थिति
साल        कुल मौत         ट्रायल से मौत     मुआवजा प्राप्त         कुल मुआवजा   
2015     381                     18                  18                           2.05 करोड़      
2016     378                     27                  25                           1.62 करोड़      
2017    345                      30                  18                            1.92 करोड़      
2018   339                       13                   01                            4.87 लाख      
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2018 में राज्यों की स्थिति
राज्य                  ट्रायल
कर्नाटक             1037      
महाराष्ट्र               802      
दिल्ली                 673      
यूपी                    334      
हरियाणा               94      
पंजाब                   99      
उत्तराखंड              71      
हिमाचल प्रदेश        34      
जम्मू कश्मीर          20      
      



 
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