सर्वे के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने क्षेत्र में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर 11 बजे से चार बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
सर्वे के अनुसार, करीब 50 प्रतिशत लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई हैं, जिनमें डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक प्रमुख हैं। वहीं, 70 प्रतिशत लोगों ने थकान, कमजोरी और अत्यधिक प्यास जैसी समस्याओं की जानकारी दी है। दिल्ली-एनसीआर में लोग गर्मी से बचने के लिए अधिक पानी पी रहे हैं और पारंपरिक पेय जैसे नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन भी बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, आठ में से 10 लोग सामान्य से अधिक पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, लगभग सात में से 10 लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं। करीब 40 प्रतिशत लोग एयर कंडीशनर का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई लोग कूलर और पंखों पर निर्भर हैं।
गर्मी ने लोगों का दिनचर्या बुरी तरह किया प्रभावित
लोकलसर्कल्स के अध्यक्ष सचिन तपारिया ने बताया कि गर्मी का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। सर्वे में सामने आया कि 10 में से दो लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है और वे दिन के समय काम या बाहर जाने में असमर्थ हो रहे हैं। वहीं, 44 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनकी कार्यक्षमता में कमी आई है।
बढ़ती गर्मी का दबाव बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे कई इलाकों में पावर कट और ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।